Terrorist organizations making base at Bihar Bengal border sleeper cells radicalizing young boys बंगाल बॉर्डर को आतंकी संगठन बना रहे बेस, कम उम्र के लड़कों को स्लीपर सेल बना रहा कट्टर, Bihar Hindi News - Hindustan
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बंगाल बॉर्डर को आतंकी संगठन बना रहे बेस, कम उम्र के लड़कों को स्लीपर सेल बना रहा कट्टर

बिहार-बंगाल बॉर्डर आतंकी अपना बेस बनाना चाह रहा है। इसको लेकर आतंकी संगठनों में सीमावर्ती इलाके कम उम्र के लड़कों की भर्ती की जा रही है। महानगरों में काम की तलाश में गए युवाओं पर खास नजर रहती है।

Tue, 21 April 2026 10:36 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, नीरज कुमार, कटिहार
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बंगाल बॉर्डर को आतंकी संगठन बना रहे बेस, कम उम्र के लड़कों को स्लीपर सेल बना रहा कट्टर

Bihar News: आतंकी संगठन कटिहार सहित सीमांचल के जिलों में अपने स्लीपर सेल को सक्रिय करने की साजिश रच रहे हैं। इसके लिए कम उम्र के लड़कों को कट्टरपंथी बनाने को लेकर रेडिकल स्ट्रेटजी के तहत काम किया जा रहा है। खास समुदाय के युवाओं का ब्रेन वाश कर विध्वंसक गतिविधियों में शामिल करने की योजना है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार-बंगाल बॉर्डर आतंकी अपना बेस बनाना चाह रहा है। इसको लेकर आतंकी संगठनों में सीमावर्ती इलाके कम उम्र के लड़कों की भर्ती की जा रही है। महानगरों में काम की तलाश में गए युवाओं पर खास नजर रहती है।

चंद रूपये का प्रलोभन देकर न सिर्फ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किया जाता है बल्कि उसके बैंक खाता में टेरर फंडिंग तक की जाती है। चार दिन पूर्व मनिहारी थाना क्षेत्र के नवाबगंज बालू टोला के मो. सोहेल की दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच द्वारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सोहेल के पास से बरामद मोबाइल का कॉल डिटेल भी खंगाला जा रहा है। पुलिस भी उसके स्थानीय नेटवर्क का टोह ले रही है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठनों की नजर इस्लामपुर से सिलीगुड़ी के बीच चिकेन नेक गलियारा पर भी है।

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भारत से चिकेन नेक को काटने को लेकर आतंकी संगठन पूर्व से साजिश रच रहा है। इसके लिए सीमांचल के जिलों में अपनी जड़ मजबूत करने की कोशिश आतंकी संगठनों द्वारा की जा रही है। बताते चलें कि सहारनपुर के मदरसा में पढ़ाने वाले बारसोई के एक मौलवी के घर भी एनआईए ने छापेमारी की थी। बताया गया था कि टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने दबिश दी थी। किशनगंज व कटिहार आतंकियों के लिए ट्रांजिट रूट रहा है।

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क्या कहती है पुलिस?

चार दिन पूर्व आतंकी कनेक्शन के संदेह में स्थानीय युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अलर्ट मोड में है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने व त्वरित कार्रवाई को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। - शिखर चौधरी, पुलिस अधीक्षक

दरअसल सीमांचल का इलाके को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले ग्रुप हमेशा से सॉफ्ट टारगेट बनाते रहे हैं। बंगाल और झारखंड की सीमा होने के कारण यहां गतिविधियों की तैयारी के लिए छिपना आसान होता है। शिक्षा, जागरुकता और विकास कार्यों की कमी का लाभ उठाकर आतंकी इन इलाकों को सेफ जोन मानते हैं और बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं को टारगेट करते हैं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर फंडिंग करते हैं और ब्रेन वाश करके कट्टर बना देते हैं। कम उम्र के लड़कों में जोश भरकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिलवाते हैं।

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