बिहार में सिर्फ 1.13 फीसदी दलित को सरकारी नौकरी, चिराग-मांझी चुप हैं; बोले तेजस्वी यादव
अनुसूचित जाति की कुल आबादी का सिर्फ 𝟎.𝟎𝟏𝟓% डाक्टर और सिर्फ 𝟎.𝟏% इंजीनियर हैं।बिहार सरकार अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत आवंटित धनराशि का उपयोग अन्य कार्यों के लिए कर रही है जिससे इन वर्गों को कोई सीधा लाभ नहीं मिलता।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल है। तमाम राजनीतिक दल और नेता अलग-अलग मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। इसी कड़ी में अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर दलित विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार है उसके बावजूद सरकारी और पेशेवर क्षेत्रों में महज 1.13 फीसदी दलितों की भागीदारी है।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, '𝟐𝟎 वर्षों की 𝐑𝐒𝐒 नीत नीतीश-भाजपा डबल इंजन सरकार की दलित-विरोधी नीतियों के कारण बिहार में अनुसूचित जातियों की आबादी 𝟐𝟏.𝟑% से अधिक होने के बावजूद सरकारी और पेशेवर क्षेत्रों में दलितों की भागीदारी महज 𝟏.𝟏𝟑% पर सिमट कर रह गई है। निरंतर दलितों की हकमारी होने से उनकी दयनीय स्थिति है। वर्तमान सामाजिक संरचना में शिक्षा, भूमि अधिकार और रोजगार जैसे क्षेत्रों में अभी भी भारी असमानताएं हैं।
अनुसूचित जाति की कुल आबादी का सिर्फ 𝟎.𝟎𝟏𝟓% डाक्टर और सिर्फ 𝟎.𝟏% इंजीनियर हैं।बिहार सरकार अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत आवंटित धनराशि का उपयोग अन्य कार्यों के लिए कर रही है जिससे इन वर्गों को कोई सीधा लाभ नहीं मिलता। जब दलित छात्रों की छात्रवृत्ति, उन्नति, प्रगति और बेहतरी के लिए योजनाओं की बात आती है तो यह दलित विरोधी सरकार फंड की कमी का बहाना करने लगती है। खुद को दलित नेता कहने वाले चिराग पासवान और जीतनराम मांझी जी सत्ता में हिस्सेदारी पाकर दलितों की हकमारी पर एकदम चुप्पी साधे हुए हैं।'
आपको बता दें कि हाल ही में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने अपने संबोधन में कहा था कि 17 महीने की महागठबंधन सरकार के दौरान आरक्षण की सीमा 65 फीसदी की गई थी और केंद्र को इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मांग नहीं मानी गई। उन्होंने भाजपा पर ‘‘आरक्षण चोरी’’ का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग वही हैं, जिन्होंने पहले कर्पूरी ठाकुर को गालियां दी थीं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के कब्जे में है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केवल ‘‘चेहरे’’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता में आए तो ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।’’
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने एक मंत्री पर ‘‘अतिपिछड़ा पत्रकार की पिटाई’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई तो उलटे उनपर ही मामला दर्ज कर दिया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय भी उतना ही जरूरी है, ताकि समाज का हर तबका मुख्यधारा से जुड़ सके। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कर्पूरी ठाकुर और राममनोहर लोहिया का सपना पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कर्पूरी ठाकुर ने 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था, लालू प्रसाद के शासन में यह सीमा 15 प्रतिशत की गई और महागठबंधन की सरकार बनने पर इसे बढ़ाकर 24 प्रतिशत कर दिया गया।




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