राज्यसभा चुनाव पर तेजस्वी और ओवैसी की हो गई डील? बैठक के बाद अख्तरुल बोले- शुभ संकेत
बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्य विपक्षी दल तेजस्वी यादव की आरजेडी की असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM से डील होती नजर आ रही है। इस संबंध में बुधवार को आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी और AIMIM बिहार चीफ अख्तरुल ईमान की मीटिंग भी हुई।

राज्यसभा चुनाव 2026 बिहार की एक सीट जीतने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बीच बात बनती नजर आ रही है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने बुधवार को पटना में तेजस्वी के साथ बैठक की है। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक राज्यसभा चुनाव को लेकर मंत्रणा की। मीटिंग के बाद अख्तरुल ने कहा कि बातचीत सकारात्मक हुई है, शुभ संकेत है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जो भी बात हुई है, उन्हें पार्टी चीफ असदुद्दीन ओवैसी के सामने रखा जाएगा, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएग।
तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद AIMIM बिहार चीफ अख्तरुल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जो लोग इस समय दलित, शोषित, पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। देश-बिहार और जनता के हित में ऐसी ताकतों का एक साथ आना चाहिए। इस मामले में सकारात्मक वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से चर्चा के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर स्पष्ट कर दिया जाएगा।
दरअसल, बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। 5 प्रत्याशी एनडीए के हैं, जबकि विपक्ष की ओर से तेजस्वी की आरजेडी ने एक कैंडिडेट एडी सिंह को उतारा है। तेजस्वी के सामने दुविधा है कि आरजेडी के उम्मीदवार के पास जीतने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन नहीं है। बिहार विधानसभा में आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक हैं। जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए।
पिछले महीने जब राज्यसभा चुनाव की घोषणा हुई थी, तब ओवैसी की पार्टी ने अपना कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर दिया था और आरजेडी से उस पर समर्थन मांगा था। इससे विपक्ष में कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, 5 मार्च को जब नामांकन का आखिरी दिन था तब तक AIMIM ने तो अपना कैंडिडेट नहीं उतारा, लेकिन आरजेडी ने मौजूदा राज्यसभा सांसद एडी सिंह का फिर से नॉमिनेशन करा दिया।
अब एडी सिंह को जिताने के लिए तेजस्वी की नजर AIMIM के 5 और बसपा के एक विधायक पर है। इनके वोट अगर महागठबंधन को मिल जाते हैं तो 41 विधायकों का आंकड़ा पूरा हो जाएगा। हालांकि, एनडीए की ओर से विपक्ष में टूट के दावे भी किए जा रहे हैं। ऐसे में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग के आसार भी बन रहे हैं। तेजस्वी के सामने अपने खेमे में क्रॉस वोटिंग रोकना भी बड़ी चुनौती होगी।
एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश राम को राज्यसभा कैंडिडेट बनाया गया है। बिहार विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं। ऐसे में चार सीटों पर तो एनडीए की जीत पक्की है, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए 3 अतिरिक्त विधायकों का वोट हासिल करना होगा। एनडीए के नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे क्रॉस वोटिंग के आसार बढ़ गए हैं।




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