एडी सिंह की जीत पक्की बता रहे तेजस्वी, राज्यसभा चुनाव में किसके भरोसे ताल ठोक रहे लालू के लाल
तेजस्वी ने दावा किया कि रास चुनाव के लिए नंबर हमारे पास है, जीत पक्की है। बैठक में विधायकों को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह वोट करना है ताकि एक भी मत बेकार न जाए।

Rajya Sabha Elections: राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन ने मंगलवार को मैराथन बैठक की। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के सरकारी आवास एक पोलो रोड में हुई इस बैठक में राजद, कांग्रेस, वामदल और आईआईपी के विधायक मौजूद रहे। हालांकि बसपा और एआईएमआईएम के विधायकों ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में महागठबंधन ने रास चुनाव में जीत का दावा किया। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के तीन विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे में सवाल उठता है कि 35 विधायकों वाले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव किसके भरोसे यह दावा कर रहे हैं।
बैठक में अध्यक्षता करते हुए तेजस्वी ने दावा किया कि रास चुनाव के लिए नंबर हमारे पास है, जीत पक्की है। बैठक में विधायकों को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह वोट करना है ताकि एक भी मत बेकार न जाए। विधायकों को अपनी कलम उपयोग नहीं करने की नसीहत दी गई। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को अपार वोट दिया है। एक करोड़ 90 लाख लोगों का समर्थन हमारे गठबंधन के पास है। जनभावना महागठबंधन के साथ है।
राज्य चुनाव में जीत का दावा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि राजद अपने राज्यसभा उम्मीदवार एडी सिंह की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। नंबर हमारे पास है तभी तो हम चुनाव लड़ रहे हैं। एआईएमआईएम का सहयोग लेने के लिए शीर्ष स्तर पर बातचीत जारी है। बसपा विधायक का भी सहयोग मिलने को लेकर महागठबंधन आश्वस्त है। बैठक में महागठबंधन के सभी विधायक मौजूद थे। एक-दो विधायक बैठक में नहीं आ सके पर उन्होंने विधिवत इसकी सूचना भेज दी थी।
यहां समझना जरूरी है कि आज ही एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने याद दिलाया कि 2020 के चुनाव में एआईएमआईएम के पांच विधायक जीते थे जिनमें से 4 विधायकों को राजद ने तोड़ लिया था। पूरे पांच साल ओवैसी अपने भाषण में इसे मुद्दा बनाते रहे। 2025 के चुनाव में अख्तरुल ईमान तेजस्वी यादव के दरवाजे पर बैंड बजाते हुए महागठबंधन में शामिल होने की मांग करते गए थे। लेकिन, लालू यादव यादव या तेजस्वी ने दरवाजा भी नहीं खोला और ईमान को खाली हाथ लौटना पड़ा था। एआईएमआईएम खुद अपना उम्मीदवार देने के लिए महागठबंधन से सहयोग मांगा था। ऐसे में तेजस्वी का ओवैसी से बातचीत का दावा करना सहज नहीं लगता। लेकिन, राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है।




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