‘देखो और इंतजार करो’ , बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर ओवैसी की AIMIM को सलाह
जदयू ने राज्यसभा के उपसभापित हरिवंश नारायण सिंह का टिकट काटा है। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 41 विधायकों के वोट चाहिए। एनडीए के पास 202 विधायक हैं। ऐसे में उसकी चार सीट पक्की है। इसके बाद उनके पास 38 विधायक बचेंगे।

बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सगर्मी तेज है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर अपने विधायकों को ‘देखो और इंतजार करो’ की नसीहत दी है। सोमवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने नई दिल्ली में पार्टी प्रमुख से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने पार्टी प्रमुख को बताया कि बिहार में पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर अब तक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एवं रालोमो सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने उनसे संपर्क किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने बताया कि अभी पार्टी आलाकमान ने सिर्फ इंतजार करने को कहा है, अभी चुनाव में पांच दिन है।
राज्यसभा की पांच सीटों के लिए इस बार मतदान तय है। निर्धारित समय सीमा सोमवार अपराह्न तीन बजे दिन तक किसी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। सभी छह उम्मीदवार मैदान में हैं। 16 मार्च को वोटिंग होगी। बिहार में पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। उम्मीदवारों ने गुरुवार को विधानसभा में नामांकन किया था। एनडीए ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम, उपेन्द्र कुशवाहा को जबकि राजद ने अमरेन्द्रधारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इनमें जदयू के रामनाथ ठाकुर, रालोमो के उपेन्द्र कुशवाहा और राजद के अमरेन्द्रधारी सिंह वर्तमान में राज्यसभा सांसद है। इन्हें फिर से टिकट दिया गया है।
जबकि, जदयू ने राज्यसभा के उपसभापित हरिवंश नारायण सिंह का टिकट काटा है। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 41 विधायकों के वोट चाहिए। एनडीए के पास 202 विधायक हैं। ऐसे में उसकी चार सीट पक्की है। इसके बाद उनके पास 38 विधायक बचेंगे। लिहाजा एनडीए की नजर 5वीं सीट पर जीत के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों पर टिकी है। उधर, महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक हैं। इनमें राजद के 25, कांग्रेस के छह, माले के दो, सीपीएम व आईआईपी के एक-एक विधायक शामिल हैं।
एआईएमआईएम के पास पांच और बसपा के पास एक विधायक है। राजद उम्मीदवार को जीत के लिए इन सबका समर्थन जरूरी होगा। उधर, मंगलवार को महागठबंधन ने विधायकों की बैठक बुलाई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में यह बैठक उनके सरकारी आवास पर होगी। बैठक में विधायकों को बताया जाएगा कि उन्हें दल के प्रत्याशी एडी सिंह को किस प्रकार वोट करना है ताकि मत बेकार न जाए।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री बने भाजपा के पर्यवेक्षक
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को भाजपा ने केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इन दोनों नेताओं को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। इस संबंध में सोमवार को पत्र जारी किया गया। मालूम हो कि बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। 16 मार्च को मतदान होना है। एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार उतारे गये हैं। इनमें दो भाजपा, दो जदयू और एक रालोमो के हैं।
2020 में बिहार से पांच उम्मीदवार थे
2020 में बिहार से राजद के अमरेन्द्रधारी सिंह व प्रेमचन्द्र गुप्ता, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह व रामनाथ ठाकुर और भाजपा से विवेक ठाकुर राज्यसभा गए थे। इनका कार्यकाल 09 अप्रैल 2026 तक था। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के कारण विवेक ठाकुर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह एनडीए ने 2024 के उपचुनाव में शेष कार्यकाल के लिए रालोमो के उपेन्द्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया था। उनकी जीत हुई थी।




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