तेज प्रताप की पार्टी में लालू का फोटो नहीं, जन सुराज को स्कूल बैग के बाद जनशक्ति जनता दल को ब्लैकबोर्ड
राजद अध्यक्ष लालू यादव द्वारा परिवार और पार्टी से निकाले गए बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल को ब्लैकबोर्ड चुनाव चिह्न मिला है। सिंबल की जानकारी देने के लिए तेज प्रताप ने जो पोस्टर बनवाया, उसमें लालू का फोटो नहीं है।

बिहार में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) बनाकर तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को महुआ के अलावा दूसरी विधानसभा सीटों पर भी चुनौती देने को तैयार लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को चुनाव आयोग ने ब्लैकबोर्ड चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है। तेज प्रताप यादव समस्तीपुर जिले की हसनपुर सीट से विधायक हैं, लेकिन इस बार वैशाली जिले की महुआ सीट से लड़ने जा रहे हैं, जहां से 2015 के चुनाव में वो पहली बार जीते थे। तेज प्रताप इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। पार्टी सिंबल की जानकारी देने के लिए उन्होंने जो एक पोस्टर बनवाया, उसमें लालू का फोटो नहीं है। इससे पहले प्रशांत किशोर के नए दल जन सुराज पार्टी को स्कूल बैग चुनाव चिह्न मिला था।
तेज प्रताप यादव ने पार्टी के पोस्टर में महात्मा गांधी, भीमराव आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर कुल पांच नेताओं का फोटो इस्तेमाल किया है। पोस्टर में दूसरे दल के नेताओं की फोटो लगाने को लेकर 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार में बवाल हुआ था। तब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से टूटकर अकेले लड़े चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) अपने पोस्टर-बैनर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो का इस्तेमाल कर रही थी।
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भाजपा ने इस पर आपत्ति जताई तब खुद को मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग ने कहा था कि मोदी तो उनके दिल में हैं, फोटो की जरूरत नीतीश कुमार को होगी। इसके बाद लोजपा की प्रचार सामग्री में मोदी के फोटो का इस्तेमाल बंद हुआ था। चिराग की पार्टी ज्यादातार नीतीश के जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की सीट पर लड़ी और सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल कर सकी। लेकिन नीतीश की पार्टी को कई सीटों पर नुकसान पहुंचाया और जेडीयू 43 सीटों के साथ तीसरे नंबर की पार्टी बन गई।
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तेज प्रताप यादव को आज से चार महीने पहले 25 मई को लालू यादव ने तब परिवार और पार्टी से निकाल दिया था, जब उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल से अनुष्का यादव नाम की लड़की के साथ उनका फोटो शेयर किया गया था और दावा किया गया था कि अनुष्का और उनका 12 साल से रिलेशनशिप चल रहा है। इसको लेकर कई दिनों तक बवाल मचा रहा था क्योंकि ऐश्वर्या राय से तलाक का केस अभी चल ही रहा है।
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तेज प्रताप ने तब कहा था कि उनका अकाउंट हैक करके किसी ने बदनाम करने की साजिश की है। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने माना था कि वो पोस्ट उन्होंने ही किया था। अनुष्का के भाई आकाश यादव ने जब लालू परिवार को सच नहीं स्वीकारने पर सब कुछ सामने रख देने की धमकी दी थी, तब तेज प्रताप अनुष्का से मिलने उनके घर भी गए थे। अनुष्का यादव का मुद्दा कुछ समय खबरों में रहने के बाद फिलहाल दब गया सा लगता है।
तेज प्रताप यादव ने परिवार और पार्टी से निकालने के बाद कुछ समय मौन रखा लेकिन उसके बाद पहले टीम तेज प्रताप बैनर तले लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर दिए। पिछले महीने तक भी पीला गमछा लपेटे तेज प्रताप के कार्यक्रमों में पोस्टर पर लालू यादव का फोटो दिखता था। लेकिन अब पार्टी के ताजा पोस्टर से यह साफ हो गया है कि लालू यादव के फोटो के इस्तेमाल को लेकर वह किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं, क्योंकि तेजस्वी यादव खुद कुछ ना भी बोलें, लेकिन राजद से कोई ना कोई इस पर सवाल उठा ही देगा।




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