नए साल में अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करें, तेज प्रताप की अपील- तेजस्वी ने उठाए थे सवाल
तेज प्रताप ने सलाह दी है कि साल की शुरुआत धार्मिक स्थलों से करना चाहिए। कहा कि नये साल में जरूर घूमने जाएं। अधिक से अधिक धार्मिक स्थलों पर जाइए। वृंदावन जाएं, बनारस जाएं। अयोध्या जाकर राम मंदिर में दर्शन करें।

राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बिहार वासियों को नव वर्ष 2026 की बधाई दी है। उन्होंने बताया है कि नए साल की शुरुआत कैसे करें ताकि फलाफल बेहतर हो। उन्होंने नए साल में आयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने की अपील की है। उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने राम मंदिर बनाने पर सवाल उठाए थे और बीजेपी को घेरा था।
अपने चैनल टीवाई व्लौग पर तेज प्रताप यादव ने वीडियो संदेश दिया है। लोगों को हैप्पी न्यू ईयर कहने के बाद तेज प्रताप ने सलाह दी है कि साल की शुरुआत धार्मिक स्थलों से करना चाहिए। कहा कि नये साल में जरूर घूमने जाएं। अधिक से अधिक धार्मिक स्थलों पर जाइए। वृंदावन जाएं, बनारस जाएं। आप लोग तो जानते ही है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। वहां अवश्य जाइए और राम मंदिर में जाकर दर्शन कीजिए। भाईचारे के साथ नया साल मनाइए। इससे सबकुछ शुभ होगा।
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने मां राबड़ी देवी के आवास पर जाकर उनका जन्मदिन मनाया। मां के साथ केक काटा और उसकी तस्वीर शेयर करते हुए मां को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। सोशल मीडिया पर तेज प्रताप यादव ने लिखा कि कठिन समय में मां ने उनका साथ दिया। वे सदा मजबूती से साथ खड़ी रहीं। बिना शर्त प्यार दिया। तेज प्रताप यादव ने अपनी मां राबड़ी देवी को सबसे बड़ी प्रेरणाश्रोत बताया।
दरअसल तेज प्रताप यादव भक्ति स्वभाव वाले व्यक्ति हैं। नये साल पर खुद भी इस्कॉन मंदिर पहुंचे और पूजा की। कहा कि भगवान की अराधना के साथ नव वर्ष की शुरुआत की है। भगवान कृष्ण और भगवान शंकर की उनकी भक्ति काफी चर्चा में रहती है। तेज प्रताप यादव अक्सर वृंदावन यात्रा पर चले जाते हैं। वे बनारस समेत देश के अन्य तीर्थ स्थलों पर जाते रहते हैं। दुर्गा पूजा में पूरा लालू परिवार मां की अराधना करता है।
लेकिन चुनाव सभा के दौरान उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि राम मंदिर बन जाने से वहां किसी का इलाज नहीं होगा ना किसी प्रकार की पढ़ाई होगी। मंदिर से पहले स्कूल और अस्पताल बनाया जाना चाहिए। लालू यादव भी अयोध्या नहीं गए और राजनैतिक कारणों से राम मंदिर निर्माण का समर्थन नहीं किया।




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