बिहार: 2 दिन में सीओ-राजस्व अफसरों का होगा हिसाब-किताब, काम पर नहीं लौटने वालों की बन रही लिस्ट
विभाग के अनुसार बीते नौ मार्च से हड़ताल पर रहे राजस्व अधिकारियों को 25 मार्च की शाम पांच बजे तक अपने काम पर लौटने को कहा गया था। लेकिन कई ऐसे सीओ और राजस्व अफसर हैं जो काम पर नहीं लौटे जिसके बाद अब कठोर ऐक्शन की तैयारी की गई है।
बिहार में अब हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग उन अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है जो बुधवार की शाम पांच बजे तक काम पर नहीं लौटे। विभाग ने जिलों से अंचलाधिकारी व राजस्व अधिकारियों की सूची तलब की है। उम्मीद है कि एक-दो दिनों में वृहद स्तर पर हड़ताली अधिकारियों का निलंबन या अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। इसके तहत हड़ताली अधिकारियों की सेवा में टूट भी हो सकती है।
विभाग के अनुसार बीते नौ मार्च से हड़ताल पर रहे राजस्व अधिकारियों को 25 मार्च की शाम पांच बजे तक अपने काम पर लौटने को कहा गया था। लेकिन कई ऐसे सीओ और राजस्व अफसर हैं जो काम पर नहीं लौटे जिसके बाद अब कठोर ऐक्शन की तैयारी की गई है। खुद विभाग के मंत्री सह बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने हड़ताल कर रहे अधिकारियों से कहा था कि वो बुधवार की शाम 5 बजे तक काम पर लौट आएं लेकिन कई अधिकारी काम पर नहीं लौटे।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। हड़ताली अधिकारियों को 25 मार्च की शाम पांच बजे तक अपने काम पर लौटने को कहा गया था। ऐसा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें वेतन कटौती, सेवा में टूट से लेकर अनुशासनिक कार्रवाई भी शामिल है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। हड़ताली अधिकारियों को 25 मार्च की शाम पांच बजे तक अपने काम पर लौटने को कहा गया था। ऐसा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें वेतन कटौती, सेवा में टूट से लेकर अनुशासनिक कार्रवाई भी शामिल है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारी नौ मार्च से काम नहीं कर रहे हैं। सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा था कि जो अफसर निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।




साइन इन