बीपी की दवा अचानक बंद की तो बढ़ेगा खतरा, ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क; डॉक्टरों की सख्त चेतावनी
एनएमसीएच के डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ब्लड प्रेशर की दवा अचानक बंद करने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने मानसिक तनाव कम करने के लिए 25 मिनट मेडिटेशन और वजन घटाने के लिए 45 मिनट व्यायाम की सलाह दी। बीपी सामान्य रहने पर भी बिना डॉक्टरी…

Health News: क्या आप भी ब्लड प्रेशर सामान्य होते ही अपनी मर्जी से दवा खाना बंद कर देते हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए! पटना के जाने-माने न्यूरो सर्जन और एनएमसीएच (NMCH) के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवा को बिना डॉक्टरी सलाह के अचानक छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। यह लापरवाही सीधे तौर पर आपको ब्रेन स्ट्रोक की दहलीज पर खड़ा कर सकती है, जिससे लकवा या अचानक जान जाने का खतरा बढ़ जाता है।
क्यों खतरनाक है दवा छोड़ना?
डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अक्सर लोग बीपी सामान्य होने पर खुद को स्वस्थ मान लेते हैं और दवा बंद कर देते हैं। लेकिन शरीर में किसी भी कारण से गुस्सा, मानसिक तनाव या मौसम में बदलाव होने पर अचानक ब्लड प्रेशर स्पाइक करता है। चूंकि शरीर दवा के सुरक्षा घेरे में नहीं होता, इसलिए नसों में सूजन आ जाती है या वे फट सकती हैं। कई बार लोग अचानक गिर जाते हैं, बेहोश हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है। इसके पीछे अधिकतर केस में साइलेंट किलर हाई बीपी ही होता है।
लाइफस्टाइल में बदलाव है जरूरी
'हिन्दुस्तान' के कार्यालय में आयोजित 'डॉक्टर की सलाह' कार्यक्रम में उन्होंने राज्य भर से आए फोन कॉल्स का जवाब दिया। उन्होंने सलाह दी कि केवल दवा ही काफी नहीं है, बल्कि मानसिक तनाव से बचने के लिए हर दिन कम से कम 25 मिनट का मेडिटेशन और शरीर के फैट को कम करने के लिए 40 से 45 मिनट तक व्यायाम करना अनिवार्य है। खान-पान पर नियंत्रण रखकर और मोटापे को कम करके ही ब्रेन स्ट्रोक जैसी घातक बीमारियों से बचा जा सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टर ने मरीजों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि शरीर में खुजली होना, हाथों-पैरों में सूनापन रहना, कमर और गर्दन की नसों में अकड़न या पैरों की नसों का मोटा और नीला होना ये सभी संकेत हैं कि आपकी जीवनशैली और बीमारी को तुरंत डॉक्टरी सलाह की जरूरत है। अगर आप शिक्षक हैं या लंबे समय तक खड़े रहने वाला काम करते हैं, तो रात को सोते समय पैर के नीचे तकिया रखकर पैरों को ऊंचा रखने जैसी छोटी आदतें भी बड़ी राहत दे सकती हैं।




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