पटना का महाकाल गैंग, सोशल मीडिया पर भी अकाउंट; 340 कारतूस और गन के साथ धराए 2 गुर्गे
पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी की बिहटा और मनेर इलाके में महाकाल गिरोह के सदस्य हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर महाकाल के नाम से अकाउंट भी बना रखा है। वो अपना वीडियो भी सोशल मीडिया पर डालते हैं।

पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले महाकाल गिरोह के दो कुख्यात बिहटा के छोड़ाटाप निवासी विनीत कुमार और हरे राम सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3 राइफल, एक रिवॉल्वर, 340 गोलियां और पांच लाख रुपये नगद बरामद किए गए हैं। अपराधी थोक में हथियार लाकर उसे इलाके में बदमाशों को बेचते थे। यही नहीं, दहशत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर हथियार के साथ अपना वीडियो भी डालते थे। गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी की बिहटा और मनेर इलाके में महाकाल गिरोह के सदस्य हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर महाकाल के नाम से अकाउंट भी बना रखा है। लोगों में दहशत फैलाने और क्षेत्र में दबदबा कायम रखने के लिए वे सोशल मीडिया पर हथियार के साथ अपना वीडियो भी डालते हैं।
इसकी जानकारी मिलने पर बिहटा, आईआईटी थानाध्यक्ष के अलावा डीआईयू की टीम ने सोमवार रात बिहटा के छोड़ाटाप में छापा मारा। छापेमारी के दौरान हथियार तस्कर विनीत कुमार और हरे राम सिंह को धर दबोच गया। उनके पास से तीन राइफल के अलावा 12 बोर की 131, 7.65 एमएम बोर की 110, .315 बोर की 80 और .32 बोर की 19 गोलियां बरामद की गईं। इसके अलावा पांच लाख सात हजार रुपये, तीन बट कवर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
दोनों तस्करों पर पहले से केस दर्ज
विनीत थोक में हथियार और कारतूस लाकर खुदरा में इसकी आपूर्ति इलाके में करता था। दोनों पर पहले से कई केस दर्ज हैं। बिहटा पुलिस ने विनीत कुमार को वर्ष 2023 में रंगदारी और आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हरे राम सिंह भी हत्या के केस में जेल जा चुका है।
गिरोह का सरगना पहले ही पकड़ा जा चुका है
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जुलाई में गिरोह के सरगना सोनू कुमार और सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 80 कारतूस बरामद किए गए थे। गिरोह के 10 से 15 और सदस्यों की पहचान हुई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। वहीं, हथियार तस्करों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि वे कहां से हथियार लाते थे।




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