देश के 50% से अधिक हिंदू भाजपा के खिलाफ, अल्पसंख्यकों के साथ बैठक में बोले प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि हिंदुओं की आधी आबादी गांधी, बाबासाहेब, लोहिया, समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा को मानती है। गांधी, लोहिया या समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा मानने वाले लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी है।
बेतिया के ऑडिटोरियम में मंगलवार को अल्पसंख्यक समाज के लोगों के साथ बैठक में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज जो काम बिहार में कर रहा है, वह सिर्फ बिहार की लड़ाई नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के 50 फीसदी हिंदू भाजपा से लड़ रहे हैं। उनमें 20 फीसदी भी हमारे साथ आ जाएं तो लड़ाई जीती हुई समझ लीजिए। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की आधी आबादी गांधी, बाबासाहेब, लोहिया, समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा को मानती है। गांधी, लोहिया या समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा मानने वाले लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी है। भाजपाइयों ने देश की आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी है।
उन्होंने कहा कि हम 2014 में मोदी को जिताने में भी कंधा लगाये थे। उसके बाद हम बिहार में काम शुरू किए और एक साल के अंदर ही भाजपा को बिहार में 55 पर समेट दिए। इसलिए आपलोग पीछे मत रहिए। यह बात न हो कि मुस्लिमों ने जन सुराज का साथ इसलिए दिया कि उन्हें 40 सीटें मिलीं। बल्कि बात इसलिए हो कि आपने बिहार को बदलने में सहयोग किया। पटना के अटल पथ पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की गाड़ी पर आक्रोशित लोगों के पथराव के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन साल में सरकार के लोगों ने पटना की सड़कों पर बिहार के हर वर्ग पर लाठियां चलायी हैं। अब जनता की बारी है।
छठ के बाद कोई भी बिहारी मजबूरी में नहीं करेगा पलायन
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऑडिटोरियम से बाहर निकलने के बाद मीडिया से कहा कि 20 साल तक शासन में रहने के बाद चुनाव के पहले कई तरह की नीति की घोषणा की जा रही है। यह दिखाता है कि आपने कुछ नहीं किया है।
यह जनसुराज का डर है कि अब मोदी और तेजस्वी यादव भी पलायन की चर्चा कर रहे हैं। जनसुराज के प्रयास से अभी ही पेंशन व मानदेय बढ़ गया। जन सुराज की व्यवस्था बनी तो छठ के बाद बिहार का कोई युवा 10-12 हज़ार रुपए के रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा।




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