21 तीर्थों की मिट्टी, 31 नदियों का जल पहुंचा; काशी-मिथिला के आचार्य कराएंगे सीता मंदिर का भूमि पूजन
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में मां जानकी जन्मस्थली पर सीता मंदिर के शिलान्यास की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। काशी और मिथिला के आचार्य 21 तीर्थों की मिट्टी, चांदी के विशेष कलश एवं बर्तन, 31 नदियों के जल के साथ भूमि पूजन कराएंगे।

बिहार के सीतामढ़ी जिले में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर भव्य सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार दोपहर में इसका शिलान्यास करेंगे। मां सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम में बनने वाले सीता मंदिर (जानकी मंदिर) की भूमि पूजन के लिए 21 तीर्थ क्षेत्रों की मिट्टी और 31 नदियों का जल मंगाया गया है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश भर से साधु-संत सीतामढ़ी पहुंच गए हैं। काशी और मिथिला के आचार्यों की देखरेख में भूमि पूजन कराया जाएगा।
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में सीता मंदिर के भूमि पूजन के लिए राजस्थान के जयपुर से चांदी के कलश लाए गए हैं। वहीं, दिल्ली में चांदी से बनी विशेष पूजन सामग्री भी लाई गई है। आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल तिरुपति बालाजी से विशेष लड्डू भी सीतामढ़ी लाए गए हैं। भूमि पूजन के बाद इनका प्रसाद के रूप में वितरण किया जाएगा। इन लड्डुओं को पटना के महावीर मंदिर के सौजन्य से गंगा समेत 11 पवित्र नदियों के जल से संकल्प स्नान के बाद तैयार किया गया है।
पुनौरा धाम में करीब 67 एकड़ जमीन पर भव्य मंदिर, यज्ञ मंडप, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, कैफेटेरिया, खेल मैदान, धर्मशाला, सीता वाटिका, भजन संथ्या स्थल समेत अन्य पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिहार सरकार ने इसके लिए 883 करोड़ का बजट जारी किया है। 3 साल में मंदिर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
पुनौरा धाम पहुंचे देश भर से साधु संत
मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर के शिलान्यास एवं भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या, जनकपुर (नेपाल), काशी (वाराणसी), दक्षिण भारत समेत देश भर से साधु संत पुनौरा धाम पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम स्थल पर सिर्फ साधु संतों को प्रवेश दिया जा रहा है। पंडाल में बैठने के लिए संतों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
(हिन्दुस्तान अखबार के इनपुट के साथ)




साइन इन