पटना के दीघा में बनेगा जहाज मरम्मती केद्र, 300 करोड़ होंगे खर्च; रोजगार भी मिलेगा
गंगा में बनने वाले जहाज मरम्मती केंद्र में एक बार में चार जहाज की मरम्मत होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगेगी। जानकारी के अनुसार, जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थानों पर रखा जाएगा। इसके बाद जहाज की मरम्मत होगी।

पटना में पानी के जहाज की मरम्मत होगी। इसके लिए राजधानी पटना में गंगा नदी के किनारे दीघा में 300 करोड़ रुपये की लागत से जहाज मरम्मत केंद्र बनेगा। केंद्रीय बजट में हुई घोषणा के बाद इसका मार्ग प्रशास्त हो गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने दीघा में कुर्जी के सामने गंगा किनारे पांच एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। इसके बनने से जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन के उद्देश्य चलने वाले जहाजों की संख्या बढ़ेगी। जलमार्ग से माल ढुलाई होने के कारण परिवहन लागत भी कम आएगी।
दूरदराज से भी जहाज यहां मरम्मत के लिए पहुंचेंगे
अभी जहाजों की मरम्मत के लिए उसे कोलकाता या वाराणसी ले जाना पड़ता है। पटना में सुविधा उपलब्ध होने के बाद यहीं जहाजों की मरम्मत होगी। पटना और आसपास गंगा नदी में चलने वाले जहाजों की ही मरम्मत नहीं होगी, बल्कि दूरदराज से भी जहाज यहां मरम्मत के लिए पहुंचेंगे। जहाजों को मरम्मत के लिए कोलकाता और वाराणसी भेजने और लाने में हजारों रुपये के परिवहन खर्च की बचत होगी। साथ ही पटना में जहाजों की मरम्मत होने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा।
एक बार में चार जहाजों की मरम्मत होगी
गंगा में बनने वाले जहाज मरम्मती केंद्र में एक बार में चार जहाज की मरम्मत होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगेगी। जानकारी के अनुसार, जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थानों पर रखा जाएगा। इसके बाद जहाज की मरम्मत होगी। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद फिर उसी तरह लिफ्ट से जहाज को उठाकर पानी में रखा जाएगा।
लोगों के लिए उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर
वर्तमान में 50-60 छोटे और बड़े जहाज गंगा में चलते हैं। जिसका परिचालन बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और बंगाल में होता है। पटना में जहाज का मरम्मत केंद्र नहीं होने के कारण सरकारी विभाग के साथ ही निजी लोग भी जहाज के परिचालन में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। मगर यहां जहाज मरम्मत केंद्र खुलने के बाद जहां परिवहन और पर्यटन विभाग बड़ी संख्या में जहाज का परिचालन शुरू कर सकता है। वहीं निजी लोग भी जहाज का परिचालन माल ढुलाई और पर्यटकों के उद्देश्य कर सकते हैं।




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