महिला टीचर को घर के पास पोस्टिंग, पुरुष शिक्षकों के लिए भी खुशखबरी; सम्राट सरकार लाएगी नई ट्रांसफर पॉलिसी
बिहार में शिक्षकों के तबादले की नई नीति लाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि महिलाओं को उनके घर के पास ही पोस्टिंग मिलेगी। नई ट्रांसफर पॉलिसी में पुरुष शिक्षकों को भी फायदा मिलेगा।
बिहार में टीचर ट्रांसफर की नई पॉलिसी आने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा की है। सीएम ने कहा कि शिक्षिकाओं यानी महिला टीचर को उनके घर के पास के स्कूल में ही पोस्टिंग दी जाएगी। इसके अलावा, पुरुष शिक्षकों को भी नई पॉलिसी में राहत दी जाएगी। उन्हें भी अपने बगल के प्रखंड में ट्रांसफर का मौका मिलेगा। सीएम ने शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह ऐलान किया।
इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट के अलावा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत वरीय अधिकारी शामिल हुए। सीएम ने निर्देश दिया कि टीचर ट्रांसफर को अधिक पारदर्शी और आसान बनाया जाए। महिला शिक्षिकाओं को यथासंभव घर के पास पोस्टिंग दी जाए। उनका गृह जिले के गृह प्रखंड में गृह पंचायत के बगल के गांव के स्कूल में ट्रांसफर का किया जाए। साथ ही पुरुष शिक्षकों को गृह जिले के अपने गृह प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में ट्रांसफर-पोस्टिंग का मौका मिले। सीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि इसके लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाए, ताकि शिक्षकों को सहूलियत मिल सके।
पुरानी पॉलिसी में खामियां?
बता दें कि पिछली नीतीश सरकार शिक्षकों के तबादले की नीति लेकर आई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने लाखों शिक्षकों से मनचाही पोस्टिंग के लिए आवेदन मांगे थे। राज्य सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर हजारों टीचर का ऐच्छिक तबादला भी किया था। हालांकि इससे स्कूलों में विषयवार शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया था। किसी स्कूल में एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक की तैनाती हो गई, तो कहीं पर पद खाली रह गया। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ट्रांसफर पर फिलहाल रोक
पिछले दिनों सम्राट चौधरी सरकार ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर ब्रेक लगा दिया था। शिक्षा विभाग ने समीक्षा में पाया कि मौजूदा तबादला नीति में कई तरह की खामियां हैं। उनसे सीख लेते हुए एक नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाएगी। माना जा रहा है कि शिक्षक संघों समेत सभी हितधारकों और विशेषज्ञों से सुझाव-सलाह लेने के बाद ही नई नीति को लागू किया जाएगा।
बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगी हुई है, अब नई पॉलिसी आने के बाद ही ऐच्छिक तबादले किए जाएंगे। राज्य में अभी सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख से अधिक है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अगले 5 सालों में 1 लाख और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। हर साल कम से कम 20 हजार टीचर की बहाली निकलेगी।




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