बिहार में 9152 पदों पर बहाली को मंजूरी, हर डिग्री कॉलेज में होंगे 32 टीचर; सम्राट सरकार से हरी झंडी
बिहार में 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाने हैं। इन कॉलेजों में शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टाफ के कुल 9152 पदों पर बहाली की हरी झंडी सम्राट सरकार ने दे दी है। हर कॉलेज में 32 शिक्षक और 12 शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।

Bihar Government Jobs: बिहार की सम्राट सरकार ने नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टाफ की बहाली की हरी झंडी दे दी है। चयनित कॉलेजों में 16 विषयों की पढ़ाई होगी। इनमें 15 विषयों में दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जबकि एक विषय में एक ही शिक्षक होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इस पर 938 करोड़ रुपये का सालाना आर्थिक बोझ सरकार के खजाने पर पड़ेगा। जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इस समय बिहार के 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है। इन प्रखंडों में फिलहाल कोई डिग्री कॉलेज नहीं है। राज्य सरकार ने डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। इसके बाद इन कॉलेजों में नए सिरे से शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कुल 9152 पदों पर बहाली
राज्य कैबिनेट से पहले ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत नए डिग्री कॉलेजों में 9152 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी दोनों शामिल हैं।
हर कॉलेज में 32 टीचर की भर्ती
विभागीय सूचना के अनुसार इन 208 नए डिग्री कॉलेजों में 6656 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। हर कॉलेज में 32-32 शिक्षक नियुक्त होंगे। इनमें एक प्रधानाचार्य के अलावा 16 अलग-अलग विषयों के 31 शिक्षक होंगे। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, भूगोल, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, प्राणी विज्ञान, वाणिज्य में दो-दो जबकि पर्यावरण विज्ञान विषय में एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।
क्लर्क और लैब इंचार्ज के पदों पर भी भर्ती
इसी तरह सभी कॉलेजों में 2496 शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्त की जाएगी। प्रत्येक कॉलेज में 12-12 शिक्षकेतर कर्मी होंगे। इनमें उच्च वर्गीय लिपिक के एक पद, निम्न वर्गीय लिपिक के तीन पद, सहायक पुस्तकाध्यक्ष के एक पद के अलावा सात लैब इंचार्ज के पद हैं। भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, मनोविज्ञान, भूगोल और गृह विज्ञान में एक-एक लैब इंचार्ज नियुक्त होंगे।
दरअसल, पिछले दिनों समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं। वहां के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है। ऐसे में उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि सूबे में 534 में से 326 प्रखंडों में तो डिग्री कॉलेज हैं, शेष में नहीं हैं। ऐसे में शेष 208 प्रखंडों में भी उनकी स्थापना का निर्णय लेकर काम प्रारंभ किया गया है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट)




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