सम्राट चौधरी ही बनेंगे मुख्यमंत्री! बीजेपी के ऐलान से पहले ही उपेंद्र कुशवाहा ने दी बधाई
बीजेपी के आधिकारिक ऐलान से करीब 30 मिनट पहले ही उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने की बधाई दे दी, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई। अब आधिकारिक घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सम्राट चौधरी ही राज्य की कमान संभालेंगे।
बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के भाजपा के ऐलान से पहले ही उपेंद्र कुशवाहा ने उन्हें बधाई दे दी थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। यह घटनाक्रम इसलिए भी खास रहा क्योंकि बधाई आधिकारिक घोषणा से करीब 30 मिनट पहले ही दे दी गई थी, जिसने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी। अब आधिकारिक घोषणा के साथ यह साफ हो गया है कि सम्राट चौधरी ही प्रदेश की कमान संभालेंगे। उनके नाम पर मुहर लगने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। हालांकि, ऐलान से पहले आई इस बधाई को लेकर सियासी चर्चाएं अभी भी जारी हैं।
बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण बुधवार को होगा। लोकभवन में सम्राट चौधरी को राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। जानकारी के मुताबिक उनके साथ कुछ और नेता भी शपथ ले सकते हैं। जेडीयू से एक या दो डिप्टी सीएम भी बनाए जाने की चर्चा है।
30 मिनट पहले ही उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट को दी बधाई
दिलचस्प बात ये है कि भाजपा के आधिकारिक ऐलान से करीब 30 मिनट पहले ही उपेंद्र कुशवाहा ने उन्हें बधाई दे दी थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि बाद ऐलान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सम्राट चौधरी ही प्रदेश की कमान संभालेंगे, लेकिन समय से पहले आई इस बधाई को लेकर सियासी चर्चाएं अभी भी जारी हैं।
भाजपा विधायक दल की बैठक में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भाजपा के नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखा था। नीतीश सरकार में नंबर 2 की पॉजिशन में रहे सम्राट चौधरी के सीएम बनने की अटकलें पहले से लगाई जा रही थीं। पिछले महीने जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान किया तो भाजपा से सीएम बनने की चर्चा तेज हो गई थी। अब तक सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम के साथ गृह मंत्रालय संभाल रहे थे। इसके अलावा भाजपा विधायक दल के नेता भी थे।
अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में एनडीए के नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति को और धार देगी।




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