MLC नामांकन को विधानसभा में जुटे NDA नेता, RLM ऑफिस में बैठे रहे दीपक प्रकाश और उपेंद्र कुशवाहा
Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव और उप-चुनाव के लिए एनडीए के 9 कैंडिडेट ने पर्चा भर दिया है। सम्राट चौधरी समेत कई नेता जुटे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा और मंत्री दीपक प्रकाश RLM दफ्तर में बैठे रहे।

Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के चुनाव और 1 सीट के उप-चुनाव में नामांकन दाखिल करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सारे कैंडिडेट और कई नेता सोमवार को विधानसभा में जुटे थे। लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (एलजेपी-आर) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी पहुंचे। लेकिन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और उनके मंत्री बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रालोमो के कार्यालय में बैठे रहे। एनडीए उम्मीदवारों के नामांकन में नहीं जाने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पार्टी की ओर से विधायक दल के नेता माधव आनंद वहां पहुंचे हैं। मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं करने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कोई जवाब देने से परहेज किया।
एमएलसी चुनाव से विधान पार्षद बनकर दीपक कुशवाहा के पास मंत्री का पद बचाने का मौका था, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नहीं दिया। उपेंद्र कुशवाहा दोपहर बाद दिल्ली जा रहे हैं, जहां 13 जून को पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन है। राष्ट्रीय सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष पद पर कुशवाहा की फिर ताजपोशी होनी है। बीजेपी की तरफ से दीपक प्रकाश का नाम एमएलसी के लिए नहीं देने के पीछे रालोमो का भाजपा में विलय के ऑफर को कुशवाहा द्वारा ठुकराना बताया जा रहा है। कुशवाहा ने कल कहा भी था कि बहुत दिनों से विलय की चर्चा उड़ती रही है, लेकिन दुनिया की कोई ताकत ऐसा नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा था कि रालोमो एनडीए में था, है और आगे भी रहेगा।
बिहार विधानसभा में 202 विधायकों वाला एनडीए गठबंधन 9 सीट के चुनाव में 8 सीट जीत सकता है। एनडीए ने द्विवार्षिक चुनाव से भरी जा रही 6 साल के कार्यकाल वाली इन सीटों के लिए भाजपा से 4, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से 3 और लोजपा-आर से 1 कैंडिडेट दिया है। 1 सीट विपक्ष भी जीत सकता है, जिसके लिए लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई और मौजूदा एमएलसी सुनील सिंह को फिर टिकट दिया है। सुनील सिंह ने सोमवार को सबसे पहले पर्चा भरा। 9 सीटों के लिए यही 9 लोग नॉमिनेशन फाइल करते हैं तो बिना मतदान के ही सारे निर्विरोध जीत जाएंगे। 1 सीट पर उप-चुनाव है, जिसके लिए जेडीयू का कैंडिडेट है। नीतीश कुमार की खाली की गई सीट पर उप-चुनाव में जेडीयू की जीत तय है।
भाजपा ने भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार पवन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शीला प्रजापति को पहली बार टिकट दिया है, जबकि मौजूदा एमएलसी संजय मयूख फिर से टिकट पाने में कामयाब रहे हैं। जदयू ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष भारती मेहता, प्रदेश सचिव शिवरानी देवी प्रजापति और शेखपुरा के ललन प्रसाद को टिकट दिया है। ललन उप-चुनाव वाली सीट से लड़े हैं। चिराग पासवान ने लोजपा की तरफ से पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को टिकट दिया है। विधानसभा में एनडीए और राजद के कुल 10 कैंडिडेट ने पर्चा दाखिल किया है। जिस तरह का समीकरण दिख रहा है, उसमें कोई 11वां कैंडिडेट नहीं बन रहा है। मतदान की नौबत आए बिना 10 लोग निर्विरोध जीत जाएंगे।
मंत्री पद की दूसरी पारी में भी सदन नहीं पहुंचते दिख रहे दीपक, इस्तीफा
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा मंत्री पद की एक पारी नीतीश सरकार में खेल चुके हैं। 5 महीने चली उस सरकार के दौरान दीपक किसी सदन के सदस्य नहीं बन पाए। सम्राट चौधरी सरकार में 7 मई को उन्हें दूसरी पारी मिली है, जो अब एमएलए या एमएलसी नहीं बन पाने के बाद कभी भी खत्म हो जाएगी। दीपक कब इस्तीफा देंगे या उनसे सम्राट चौधरी कब इस्तीफा मांग लेंगे, ये कहा नहीं जा सकता। लेकिन इस्तीफा हुआ तो उसके तौर-तरीके से एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा के भविष्य का संकेत मिल जाएगा।




साइन इन