बिहार MLC चुनाव: राबड़ी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह को दूसरी बार मौका, राजद प्रत्याशी ने भरा पर्चा
सुनील कुमार सिंह दूसरी बार विधान पार्षद बनेंगे। राजद नेता नामांकन के लिए सोमवार को विधानसभा पहुंचे और फिर उन्होंने अपना नामांकन किया। बिहार विधान परिषद चुनााव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन था।

बिहार MLC चुनाव में अब राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस खत्म हो चुका है। राजद ने एक बार फिर राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। सुनील कुमार सिंह दूसरी बार विधान पार्षद बनेंगे। राजद नेता नामांकन के लिए सोमवार को विधानसभा पहुंचे और फिर उन्होंने अपना नामांकन किया। विधानसभा सचिव के कक्ष में सुनील सिंह ने अपना नामांकन दाखिल किया है। यहां बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के नामांकन दायर करने का आज आखिरी दिन था। इससे पहले पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि उम्मीदवारों की रेस में सुनील कुमार सिंह ही सबसे आगे हैं। उन्हें अपना कागज तैयार रखने के लिए भी कह दिया गया था। अब सुनील सिंह ने पर्चा दाखिल कर दिया है।
एमएलसी चुनाव में जीत के लिए 25 वोट की जरूरत है। सबकुछ ठीक रहा तो विधायकों के संख्याबल के हिसाब से राजद की एक सीट पक्की मानी जा रही है। यानी सुनील सिंह का एक बार फिर से विधान पार्षद बनना लगभग तय है। दूसरी बार जब सुनील सिंह नामांकन के लिए पहुंचे तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि दूसरी बार मौक मिला है और जीत स्वाभाविक है।
बता दें कि सुनील सिंह लालू-राबड़ी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। साल 2020 में लालू प्रसाद यादव ने सुनील सिंह को पहली बार एमएलसी बनने का मौका दिया थाा। हालांकि, इस बार राजद से शिवचंद्र राम और सुनील सिंह दोनों ही उम्मीदवारों की रेस में थे। लेकिन आखिरकार आरजेडी ने राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई कहे जाने वाले सुनील सिंह पर ही भरोसा जताया।
सदन में विपक्ष की जोरदार आवाज हैं सुनील सिंह
सुनील सिंह बिहार विधान परिषद के अंदर बुलंदी से अपनी आवाज रखने के लिए भी जाने जाते हैं। विधान परिषद में कई बार सत्ता पक्ष के पार्षदों से उनकी तीखी नोंकझोंक चर्चा में रही है। हालांकि, इसे लेकर वो विवादों में भी रहे हैं। इतना ही नहीं सदन के अंदर तीखे बोल की वजह से उनकी सदस्यता भी रद्द कर गई थी। उनपर नीतीश कुमार की मिमिक्री का आरोप लगा था। बाद में सुनील सिंह ने कोर्ट की शरण ली थी और फिर कोर्ट के ही आदेश पर उनकी सदस्यता बहाल हुई थी।
एमएलसी चुनाव को लेकर हलचल तेज
बहरहाल आपको बता दें कि बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर हलचल तेज है और नामांकन का आखिरी दिन होने की वजह से विधानसभा में नेताओं के आने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी एनडीए नेताओं के नॉमिनेशन में शामिल होने विधानसभा पहुंचे थे। विधानसभा के पोर्टिको में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्ट्री साइन भी दिखाए। विधान परिषद की 10 में नौ सीटों पर चुनाव तथा एक पर उपचुनाव हो रहा है। नौ सीटों पर हो रहे चुनाव में हर एक पर जीत के लिए 25 विधायकों की जरूरत होगी। इस लिहाज से एनडीए के घटक दलों की नौ में आठ सीटों पर जीत निश्चित है। वहीं, एक उपचुनाव की सीट भी एनडीए को मिलना तय है। एनडीए के सभी उम्मीदवार आज नामांकन करेंगे। 18 जून को मतदान होगा।




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