बिहार में भाजपा CM पर शुक्रवार को दिल्ली में फैसला, कोलकाता की फोटो से पटना में हलचल
Samrat Choudhary News: बिहार में भाजपा का पहला सीएम चुनने के लिए शुक्रवार को दिल्ली में बैठक से पहले नायब सिंह सैनी और केशव प्रसाद मौर्य के साथ सम्राट चौधरी की कोलकाता से आए फोटो ने बीजेपी में हलचल मचा दी है।

Samrat Choudhary News: बिहार में पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने से कुछ ही दिन दूर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पटना की राजनीति में कोलकाता से आए एक फोटो ने हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ नजर आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करने गए तीनों नेताओं की मुलाकात के फोटो को ‘भाई-भाई’ के मिलन की तरह पेश किया जा रहा है। नायब सैनी, केशव मौर्य और सम्राट चौधरी में बिहार के कुशवाहा बिरादरीवाद का डीएनए निकाल रहे हैं कि सबका मूल खानदान एक है।
पार्टी ने शुक्रवार को बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप की मीटिंग दिल्ली में बुलाई है, जहां मुख्यमंत्री पद के लिए किसी एक नाम पर सहमति बनाने के बाद भाजपा संसदीय बोर्ड फैसला ले सकता है। राज्य के मौजूदा सीएम और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा के सांसद के तौर पर शपथ लेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद ‘शुभ मुहुर्त’ में भाजपा के सीएम की ताजपोशी होगी। चर्चा है कि खरमास का महीना खत्म होने के बाद 14 अप्रैल एक शुभ तारीख है, जो भीमराव आंबेडकर की जयंती भी है।
बिहार में भाजपा के सीएम के लिए सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल और दिख रहा है। नीतीश कुमार की हालिया सभाओं में उन्हें जेडीयू सुप्रीमो ने जिस तरह पेश किया है, उससे यह अनुमान लग रहा है कि सम्राट चौधरी की सिफारिश नीतीश भी करेंगे। बिहार में एनडीए और भाजपा के नेताओं ने यह कई बार कहा है कि अगला सीएम जो भी बनेगा, वह नीतीश कुमार की पसंद से बनेगा। सम्राट के अलावा सीएम पद के लिए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरसिया, जनक राम, रेणु देवी समेत कई नेताओं का नाम चल रहा है। फैसला दिल्ली में ही होना है, इसलिए सांस सबकी अटकी हुई है।
सम्राट चौधरी के समर्थक केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की चर्चा करते हुए अगले साल होने वाले यूपी चुनाव के मद्देनजर बिरादरी के वोटरों को नाराज नहीं करने जैसी बातें कर रहे हैं, वहीं सम्राट का पद और कद बढ़ने से परेशान लोग 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के मौके पर एक दलित सीएम का सरप्राइज खोज रहे हैं। भाजपा में मुख्यमंत्री चुनने के पिछले कुछ उदाहरण ऐसे हैं, जिससे बड़े से बड़ा नेता आशंकित रहता है कि पता नहीं उसे विधायक दल की बैठक में किसी और का नाम रखने के लिए प्रस्तावक बनने का फरमान ना मिल जाए।




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