पटना आईआईटी में रिसर्च पार्क से मिलेगा रोजगार, पुनपुन में फॉरेंसिक लेबोरेट्री; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला
Samrat Choudhary Cabinet: पुनपुन में 50 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंसेस यूनिवर्सिटी के ऑफ कैंपस एवं केन्द्रीय फॉरेसिंक साइसेंस लैबोरेटरी के आधारभूत संरचना का निर्माण होगा। इसके लिए कैबिनेट ने 287 करोड़ की मंजूरी दी है।
Samrat Choudhary Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसी के तहत बिहार के 75 आईटीआई को अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इनमें पटना आईटीआई भी शामिल है। पीएम सेतु योजना के तहत 3615 करोड़ रुपए खर्च कर इनका विकास होगा। कैबिनेट ने पटना आईआईटी में रिसर्च पार्क के विकास के लिए 305 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि आईआईटी पटना के रिसर्च पार्क में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं वायरलेस टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर टेक्नॉलाजी एंड इनोवेशन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नॉलाजी डेवलपमेंट, बिल्डिंग एंड इनवायरमेंट, एग्रीकल्चर, क्लीन वाटर एंड रिसाइकलिंग, डेटा अनालिटिक्स जैसे सेक्टर पर फोकस किया जाएगा।
इसके अलावा महिलाओं के नेतृत्व में होने वाले नवाचार और समावेशी उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यहां 100 से अधिक कंपनियों को लाने का है। इससे दस हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
पुनपुन में बनेगी फॉरेसिंग लेबोरेट्री
पुनपुन में 50 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंसेस यूनिवर्सिटी के ऑफ कैंपस एवं केन्द्रीय फॉरेसिंक साइसेंस लैबोरेटरी के आधारभूत संरचना का निर्माण होगा। इसके लिए कैबिनेट ने 287 करोड़ की मंजूरी दी है। वहीं राजीव नगर में राज्य पुलिस डाटा सेंटर के स्थायी भवन और ईआरएसएस को 172 करोड़ की मंजूरी मिली है।
क्या होगा लाभ
● शहरों पर बोझ कम होगा: पुराने शहरों पर कम होगा बोझ, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
● सुनियोजित विकास: सेटेलाइट टाउनशिप के विकास से सुनियोजित शहरीकरण एवं मास्टर प्लान आधारित विकास सुनिश्चित होगा। नए आर्थिक गतिविधि केंद्रों का निर्माण होगा।
● शहरी दबाव में कमी: इन सैटेलाइट शहरों के बसने से मौजूदा बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का बोझ कम होगा।
● गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं: नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएं मिलेंगी। शहरी विस्तार योजनाबद्ध तरीके से हो सकेगा और निजी व संस्थागत निवेश के रास्ते खुलेंगे।
आईआईटी के इन्क्यूबेशन सेंटर का विस्तार भी होगा
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि आईआईटी पटना में 39 करोड़ रुपचे की लागत से इन्क्यूबेशन सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अपने हिस्से का 25 करोड़ रुपए जारी कर दिया है। इन्क्यूवेशन सेंटर इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन और निर्माण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करने पर केन्द्रित है। इससे स्टार्टअप के बीच सहयोग, मार्गदर्शन एवं नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं आईआईटी पटना को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता के केन्द्र के रूप में भी स्थापित करना है।




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