बाजार में घूम रहे 100 और 500 के नकली नोट, राणा ब्रदर्स ने पटना में खपाए 1 लाख रुपये
100 और 500 रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़े गए राणा ब्रदर्स पटना के खुले बाजार में 1 लाख रुपये की जाली करेंसी खपा चुके हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट की छपाई कहां हो रही थी और इन्होंने किस जगह नोट खपाए थे।

बिहार की राजधानी पटना में नकली नोट खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इसमें पटना के रहने वाले राणा ब्रदर्स समेत 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अगमकुआं थाना पुलिस ने भूतनाथ रोड टीवी टावर के पास कार से 500 और 100 रुपये के जाली नोटों की गड्डियां बरामद कीं। उनसे पूछताछ में सामने आया कि ये उत्तर प्रदेश से नकली नोट तस्करी कर पटना में लाकर खपा रहे थे। ये 1 लाख रुपये के नकली नोट पटना में खपा चुके हैं, जो बाजार में घूम रहे हैं।
उत्तर प्रदेश से तस्करी कर पटना में नकली नोट खपाने वाले गिरोह का अगमकुआं पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना विदेश से फैशन टेक्नोलॉजी का कोर्स कर चुका है। भूतनाथ रोड स्थित टीवी टावर के पास गिरफ्तार तस्करों से से 100-100 रुपये के नोट की 20 गड्डी और 500 के पांच जाली नोट (कुल 2 लाख 25 सौ रुपये) और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार बरामद की गई है।
नकली नोट गिरोह के सरगना राणा लव और राणा कुश खुसरूपुर थाना क्षेत्र के बैकटपुर के रहने वाले हैं। दोनों सगे भाई हैं। इनके पिता एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। इनके अलावा पुलिस ने वैशाली जिले के लालगंज निवासी अस्मित कुमार और नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी आशुतोष कुमार को भी गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी राणा लव बताया जा रहा है, जो इटली और दुबई में रहकर फैशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर चुका है। पटना पुलिस यूपी पुलिस से संपर्क कर गिरोह के अन्य लोगों की जानकारी सहित आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
मां की कार से नकली नोट की तस्करी कर रहे थे राणा ब्रदर्स
राणा बदर्स लव और कुश अपनी मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार से नोटों की तस्करी कर रहे थे। वे जाली नोट खपाने के लिए यूपी से लेकर पटना आए थे। 25 मार्च को जब अगमकुआं थाना पुलिस को तस्करी की सूचना मिली, तो थानेदार राजेश कुमार झा और एसआईयू की टीम ने जाल बिछाकर उन्हें कार के साथ पकड़ लिया।
कार की तलाशी लेने पर बैग में रखी 100-100 रुपये की 20 गड्डी और 500 के अच्छी गुणवत्ता वाले पांच जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भी दो बार राज्य के बाहर से लाकर 50-50 हजार रुपये के जाली नोट पटना में खपा चुके हैं। ये लोग यूपी के आजमगढ़ और आसपास के शहरों से नकली नोट तस्करी कर ला रहे थे।
इटली में पढ़ाई, शेयर मार्केट में नुकसान से अपराध की दुनिया में कदम
गिरफ्तार नकली नोट तस्कर राणा लव विदेश में रहकर पढ़ाई कर चुका है। उसने पहले इटली की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में फैशन टेक्नोलॉजी के स्नातक कोर्स में दाखिला लिया था। पढ़ाई के दौरान वह शेयर बाजार में रुपये लगाने लगा था। शेयर बाजार में पैसा डूबने के कारण उसका वहां कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। पुलिस में एफआईआर होने के बाद उसने अपना इंटरनेशनल तबादला दुबई की यूनिवर्सिटी में करा लिया था।
इसी बीच दुबई में तबीयत खराब होने पर राणा लव बीच में भारत लौट आया। पुलिस मान रही है कि विदेश में रहने के दौरान ही उसकी जान-पहचान नकली नोट छापने वाले गिरोह से हुई होगी। इसके बाद वह जाली नोट की तस्करी करने लगा। भारी मुनाफा होने के कारण उसने इस काम में अपने भाई और अन्य जानकारों को भी जोड़ लिया। राणा लव और राणा कुश नकली नोट अस्मित और आशुतोष के माध्यम से खुले बाजार में खपाते थे।
नकली नोट कहां छप रहे?
पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार ने गुरुवार को कहा कि आरोपियों के मोबाइल फोन से नोट छापने वाले कुछ वीडियो मिले हैं। जांच में पता चला है कि आरोपित यूपी से लाकर नकली नोट पटना में खपा रहे थे, लेकिन वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि नोट कहां छापे जा रहे हैं और गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है? इसके लिए पटना पुलिस यूपी पुलिस से संपर्क कर रही है। वहीं, मामले के अनुसंधान के लिए आर्थिक अपराध इकाई से भी अनुरोध किया गया है। ताकि पता चल सके कि नकली नोट कहां छापे जा रहे हैं और जाली नोट को कहां-कहां खपाया जा रहा है?
(पटना से वरीय संवाददाता की रिपोर्ट)




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