चेनपुलिंग कर ट्रेन रोकते, फिर पथराव कर लूटते थे शराब; बिहार में बड़ा गैंग पकड़ा गया
Bihar News: आरा में चेनपुलिंग कर ट्रेनों से शराब उतारने और पथराव करने वाले 27 सदस्यीय गिरोह के सरगना समेत नौ तस्करों को आरपीएफ और जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जगजीवन हॉल्ट पर बुधवार को हुई रोड़ेबाजी और यात्रियों से मारपीट में शामिल था। फरार सदस्यों के लिए छापेमारी जारी है।

Bihar News Today: बिहार के आरा रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में ट्रेनों को निशाना बनाकर शराब की तस्करी करने वाले एक बेहद खतरनाक और संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के सरगना समेत कुल नौ शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह चलती ट्रेनों में चेन पुलिंग कर उन्हें सुनसान जगहों पर रोकता था और पुलिस या आम जनता द्वारा विरोध करने पर पथराव जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देकर शराब उतारने का काम करता था। इन तस्करों की गिरफ्तारी से आरा और उसके आसपास रेलमार्ग पर होने वाली शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की कमर टूट गई है।
एक महीने से थी पुलिस को तलाश
रेल पुलिस और आरपीएफ की टीम पिछले करीब एक महीने से इस शातिर गिरोह के पीछे लगी हुई थी। पुलिस को लगातार गुप्त सूचनाएं और यात्रियों की शिकायतें मिल रही थीं कि आरा स्टेशन के आउटर और आसपास के हॉल्ट पर एक संगठित गिरोह ट्रेनों को जबरन रोककर अवैध शराब की खेप उतारता है। बीते दो दिन पहले ही इसी गिरोह के सदस्यों ने ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच की गति को और तेज कर दिया था।
जगजीवन हॉल्ट पर किया था पथराव
गिरफ्तार किए गए तस्करों ने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि बीते बुधवार को आरा के पास स्थित जगजीवन हॉल्ट पर ट्रेन को जबरन रोककर शराब उतारने की घटना में भी वे ही शामिल थे। उस दिन जब शराब की खेप उतारी जा रही थी और पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो इस गिरोह ने पुलिस और ट्रेन पर भारी पथरावम कर दिया था।
27 सदस्यों का है पूरा सिंडिकेट
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट में कुल 27 सदस्य शामिल हैं। ये सभी सदस्य एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत काम करते हैं। इनका मुख्य काम दूसरे राज्यों से ट्रेनों के जरिए लाई जा रही अवैध शराब को आरा स्टेशन के आउटर या जगजीवन हॉल्ट जैसे सुनसान इलाकों में चेन पुलिंग कर उतारना और फिर उसे स्थानीय शराब माफियाओं तक पहुंचाना था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिंडिकेट में शामिल बाकी बचे 18 सदस्यों की पहचान कर ली गई है। इन फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें आरा और उसके आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।




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