अंतिम दिन पत्ते खोलेगी RJD, राज्यसभा कैंडिडेट चयन के लिए लालू और तेजस्वी यादव अधिकृत
आगामी राज्यसभा चुनाव में आरजेडी के कैंडिडेट चयन के लिए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को अधिकृत कर दिया गया है। आरजेडी नामांकन के अंतिम दिन अपने पत्ते खोलेगी।

राज्यसभा चुनाव 2026 में लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल आखिरी में अपने पत्ते खोलेगी। आरजेडी संसदीय बोर्ड की रविवार को हुई बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर मंथन किया गया। आरजेडी के राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के लिए संसदीय बोर्ड ने पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव को अधिकृत कर दिया गया है। बैठक में तय किया गया कि आरजेडी का जो भी राज्यसभा उम्मीदवार होंगे, वो 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह नॉमिनेशन का अंतिम दिन है।
पटना के 1, पोलो रोड स्थित नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर रविवार शाम को आरजेडी की बैठक आयोजित की गई। सबसे पहले पार्टी के राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। उसके आधे घंटे बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड की मीटिंग आयोजित की गई। तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हई इस बैठक में लालू और तेजस्वी को सर्वसम्मति से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
बैठक में शामिल होने के लिए तेजस्वी यादव रविवार दोपहर को ही दिल्ली से पटना पहुंचे। वहीं, लालू अभी दिल्ली में ही हैं, वे बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बैठक में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी एवं वरीय नेता मौजूद रहे।
आरजेडी का राज्यसभा उम्मीदवार कौन होगा, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। अब नामांकन के आखिरी दिन ही पार्टी अपने पत्ते खोलेगी। बीते दो दिनों से बिहार के सियासी गलियारों में तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा चल रही है।
ओवैसी और मायावती को कैसे मनाएंगे तेजस्वी?
आरजेडी भले ही राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतार रही है, लेकिन उसके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। बिहार विधानसभा में आरजेडी के अभी 25 विधायक हैं और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के 10 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए आरजेडी को 41 विधायकों के वोट चाहिए होंगे। लालू-तेजस्वी की नजर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक पर है।
हालांकि, AIMIM की ओर से पहले ही अपना राज्यसभा कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा जा चुका है। इससे विपक्षी खेमे में कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की एक बैठक भी हुई थी, हालांकि उसमें दोनों दलों के बीच कोई सहमति तो नहीं बन पाई।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर होने हैं चुनाव
बिहार की पांच समेत देश भर की 37 राज्यसभा चुनाव की पिछले महीने घोषणा हुई थी। बिहार में जो पांच सीटें खाली हो रही हैं, उन पर अभी एनडीए के तीन और आरजेडी के दो सांसद हैं। बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए के इस बार 4 सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है।
हालांकि, पांचवीं सीट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पेच फंसा हुआ है। पांचवीं सीट पर जीत के लिए सत्ताधारी गठबंधन को भी 3 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। एनडीए के नेता पांचों सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर, आरजेडी भी अपने प्रत्याशी के जीत का दावा कर रही है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग के आसार जताए जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव का मतदान 16 मार्च को होगा, रिजल्ट उसी दिन घोषित कर दिया जाएगा।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के आधार पर)




साइन इन