हिना शहाब पर तैयार नहीं ओवैसी, अख्तरुल बोले- राज्यसभा चुनाव में AIMIM को मौका दे राजद
आरजेडी विधायक ने हिना शहाब को महागठबंधन से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने की मांग की। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने उनको समर्थन देने को तैयार नहीं दिख रही है। AIMIM ने अपने कैंडिडेट के लिए महागठबंधन से समर्थन मांगा है।

पूर्व सांसद दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM तैयार नहीं है। AIMIM के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अपने कैंडिडेट के लिए समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन अगर समझदारी से काम ले तो वे बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीत सकते हैं। ईमान ने कहा कि आरजेडी-कांग्रेस राज्यसभा में AIMIM का पहला सांसद बनाने का मौका दे, इसके लिए वह समर्थन मांग रहे हैं।
अख्तरुल ईमान ने सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि AIMIM का संसद के उच्च सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ओवैसी गला फाड़कर 56 इंच के सीना वाले (पीएम मोदी) से बात करते हैं। महागठबंधन में ऐसा कोई आदमी नहीं हैं। इसलिए विपक्षी दलों को AIMIM को समर्थन देना चाहिए, ताकि पार्टी का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी-महागठबंधन और AIMIM की विचारधारा एक ही है।
दरअसल, विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों ने ईमान से हिना शहाब को आरजेडी द्वारा राज्यसभा चुनाव का संभावित कैंडिडेट होने पर सवाल किया था। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम शुरुआत से आरजेडी और महागठबंधन से हमारे कैंडिडेट को सपोर्ट करने के लिए कह रहे हैं। अगर वे मना करते हैं तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि ओवैसी की पार्टी आगामी राज्यसभा चुनाव में बिहार से एक प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है।
इससे पहले, सोमवार को ही विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने हिना शहाब को राज्यसभा कैंडिडेट बनाने की मांग अपनी पार्टी के मुखिया लालू एवं कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव से की थी। उन्होंने कहा कि इससे एक तीर से कई शिकार हो जाएंगे। भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि हिना शहाब को ओवैसी की पार्टी AIMIM समर्थन देगी और सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के भी कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन 26 फरवरी से शुरू होने जा रहे हैं। जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें से तीन एनडीए, तो दो आरजेडी के सांसदों की है। बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए 4 सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर लेगा।
हालांकि, पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी, जबकि आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन को यह सीट जीतने के लिए 6 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसे में 5 विधायकों वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और 1 विधायक वाली बसपा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।




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