राज्यसभा चुनाव : 12 वर्षों के बाद बिहार में वोटिंग की स्थिति, 2014 में शरद यादव ऐसे बने सांसद
Rajya Sabha Election: 12 वर्षों के बाद बिहार में पांच सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे। सुबह नौ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना होगी और परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जाएगा।

Rajya Sabha Election: बिहार में 12 वर्षों के बाद फिर से राज्यसभा चुनाव की स्थिति बनी है। इसके पहले 2014 में राज्यसभा के लिए चुनाव की नौबत आई थी। उस समय जदयू के अधिकृत उम्मीदवार पवन वर्मा थे, जबकि उनके खिलाफ अनिल शर्मा निर्दलीय मैदान में आ गए थे। इसी तरह गुलाम रसूल बलियाबी के सामने साबिर अली थे। पवन वर्मा को 122 वोट मिले थे जबकि अनिल शर्मा को 108। इसी तरह बलियाबी को 123 वोट और साबिर अली को 107 वोट मिले थे। हालांकि तीसरी सीट पर शरद यादव निर्विरोध चुने गए थे।
अब 12 वर्षों के बाद बिहार में पांच सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे। सुबह नौ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना होगी और परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जाएगा। इन सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। जदयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केन्द्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, जबकि भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम को और राजद ने अमरेन्द्रधारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
अप्रैल में बिहार से पांच राज्यसभा सांसद रिटायर हो रहे हैं। इनमें राज्यसभा के उपसभापति जदयू के हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, राजद के प्रेम गुप्ता और अमरेन्द्रधारी सिंह और रालोमो के उपेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं। संख्याबल के कारण राजद ने केवल एक ही उम्मीदवार उतारा है। उसने अमरेन्द्रधारी सिंह को फिर से मैदान में उतारा है। जदयू ने हरिवंश नारायण सिंह को फिर से टिकट नहीं दिया। उधर, राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। सभी 243 विधायकों के मतदान के लिए सभा सचिवालय ने व्यापक प्रबंध किए हैं।
पांचवीं सीट पर पेच फंसा
विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा की चार सीटों पर तो परिणाम पहले से तय है। इन पर एनडीए की जीत पक्की है, लेकिन पांचवीं सीट पर पेच फंसा है। चार सीटों पर मतदान के बाद एनडीए के पास 38 वोट सरप्लस बचेंगे। राजद के पास 35 वोट हैं। हालांकि अन्य विधायकों के छह वोट हैं। इनपर दोनों पक्षों की नजर है।
क्रॉस वोटिंग की आशंका
एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक का वोट है। इन छह विधायकों के पास जीत की चाबी है। इसके अलावा क्रॉस वोटिंग हुई तो परिणाम पर असर पड़ सकता है। मगर यह सारा खेल पांचवीं सीट पर ही होगा।
एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की
एनडीए के पास विधानसभा में 202 का आंकड़ा है। इस तरह चार सीटों पर जदयू के दो और भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत पक्की है। लेकिन पांचवीं सीट पर उपेंद्र कुशवाहा को फिर से जीत मिलेगी या नहीं, इस सवाल का जवाब तो 16 मार्च को ही सामने आएगा।




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