राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी ने कर दिया ऐलान, NDA के खिलाफ कैंडिडेट देंगे, क्रॉस वोटिंग से होगा खेला?
आगामी राज्यसभा चुनाव में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरजेडी से कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले महीने होने वाले मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग हो सकती है।

बिहार में 5 सीटों पर होने वाला राज्यसभा का चुनाव रोचक हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह एनडीए के सामने अपना कैंडिडेट उतारेंगे। तेजस्वी ने यह भी दावा किया है कि उनके (महागठबंधन) के पास पर्याप्त संख्याबल है। ऐसे में अब राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के समय क्रॉस वोटिंग की आशंका बढ़ गई है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव में जीत का दावा किया। पटना में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम मजबूती से चुनाव जीतने जा रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन पर उन्होंने कहा कि आरजेडी की ओर से प्रत्याशियों के नामों पर विचार चल रहा है।
तेजस्वी ने बताया कि कुछ ही दिनों में तय कर दिए जाएंगे कि उम्मीदवार कौन-कौन होंगे। पार्टी वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर नामों पर मुहर लगाएगी। विधानसभा में संख्या बल की कमी को नेता प्रतिपक्ष ने सिरे से खारिज कर दिया।
बिहार की 5 सीटों पर है चुनाव?
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर अगले महीने चुनाव है। जिन सांसदों की सीटें रिक्त हो रही हैं, उनमें तीन एनडीए के और दो महागठबंधन के हैं। इनमें जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह एवं रामनाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता एवं एडी सिंह और रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
नामांकन प्रक्रिया शुरू
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम को परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। फिलहाल किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है।
4 सीटों पर एनडीए की जीत पक्की
सूबे में राज्यसभा की 5 में 4 सीटों पर सत्ताधारी गठबंधन की जीत पक्की मानी जा रही है। बिहार विधानसभा में एनडीए के अभी 202 विधायक हैं। मौजूदा राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में एनडीए 4 सीटें आराम से निकाल लेगा। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए उसे तीन अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
महागठबंधन के सामने क्या चुनौती?
वहीं, आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के महागठबंधन को एक सीट पर जीत के लिए 6 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। तेजस्वी की नजर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमईएम के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक पर है। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने पहले ही अपना कैंडिडेट उतारने की घोषणा कर तेजस्वी से उसके लिए समर्थन मांग लिया है।
क्रॉस वोटिंग के आसार
राज्यसभा चुनाव में अगर एनडीए के अलावा कोई दल प्रत्याशी उतारता है तो 16 मार्च मतदान होगा। पांचवीं सीट पर ना तो एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल है और ना ही महागठबंधन के पास। मगर दोनों ही गठबंधनों की ओर से जीत के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग होगी।
वैसे तो क्रॉस वोटिंग की आशंका आरजेडी-कांग्रेस कैंप में ज्यादा है, लेकिन तेजस्वी की पार्टी के विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया है कि अगर लालू यादव, हिना शहाब को कैंडिडेट बनाते हैं तो एक तीर से कई शिकार हो जाएंगे।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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