400 माफिया की प्रॉपर्टी होगी जब्त; जेलों की खास निगरानी, फुल फॉर्म में नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी
नीतीश सरकार में नवनियुक्त गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान उन्होने कहा कि संगठित अपराध से जुड़े 400 माफिया की संपत्ति जब्त की जाएगी। साथ ही जेलों की निगरानी भी सख्त होगी।

राज्य में संगठित अपराध से जुड़े माफिया के खिलाफ पुलिस सख्त रहेगी। इनमें बालू, शराब से लेकर जमीन माफिया तक शामिल हैं। ऐसे 400 माफियाओं को चिह्नित कर लिया गया है, जिनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। इनमें न्यायालय से दो पर कार्रवाई की मंजूरी भी मिल चुकी है। मंगलवार को नवनियुक्त गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सरदार पटेल भवन स्थित गृह विभाग मुख्यालय में कार्यभार संभालने के बाद इसकी घोषणा की। सोशल मीडिया पर गाली-गलौज अब बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसे किसी भी शख्स पर बिहार पुलिस कार्रवाई करेगी।
गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जिस सुशासन की स्थापना की और उसे आगे बढ़ाया, उसे ही आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सुशासन, माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल को अपनी तीन मुख्य प्राथमिकताएं बताई। श्री चौधरी ने कहा कि जेल के अंदर से होने वाले अपराधों को लेकर भी सरकार गंभीर है। जेल में कैदियों के खाने को लेकर बेहतर सरकारी व्यवस्था है। ऐसे में बाहर से खाना ले जाने पर रोक लगेगी। डॉक्टर की सहमति पर ही इसकी मंजूरी मिलेगी। इसमें गड़बड़ी पर कार्रवाई होगी। पता लगाया जायेगा कि जेल के अंदर किस तरह मोबाइल पहुंच रहा है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास छेड़छाड़ की किसी भी घटना को रोकने के लिए पिंक मोबाइल यूनिट की तैनाती होगी। यह एंटी रोमियो स्क्वायड खास कर स्कूल-कॉलेज खुलने और बंद होने के समय ऐसे तत्वों पर नजर रखेगा और कड़ी कार्रवाई करेगा। इससे पहले उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री ने दोपहर 12.15 बजे कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने करीब दो घंटे तक गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, डीजीपी विनय कुमार, जेल आईजी प्रणव कुमार सहित गृह विभाग एवं बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न अपराध से जुड़े आंकड़ों की प्रस्तुति दी। गृह मंत्री ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने के लिए कई पूर्व डीजीपी को आमंत्रित किया था। पूर्व डीजीपी नीलमणि, डीएन गौतम, केएस द्विवेदी, गुप्तेश्वर पांडेय, आलोक राज ने अपने अनुभव बताए। इससे पहले पुलिस मुख्यालय में प्रवेश पर उनको गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।




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