लालू यादव समेत 50 से अधिक नेताओं के संबंधियों को डॉक्टर बनाया, दिलीप जायसवाल पर प्रशांत किशोर का आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा कि दिलीप जायसवाल के कॉलेज में 50 से अधिक पॉलिटिकल परिवारों के संबन्धी बिना टेस्ट के एडमिशन करवाया जिनमें लालू फैमिली भी शामिल है।

जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और माता गुजरी देवी मेडिकल कॉलेज के सर्वेसर्वा डॉ दिलीप जायसवाल पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीके ने कहा है कि इस कॉलेज पर गलत तरीके से कब्जा करके दिलीप जायसवाल ने 50 से अधिक नेताओं(पॉलिटिकल परिवारों) के संबंधियों को अपने कालेज में बगैर टेस्ट या जांच परीक्षा लिए नामांकन करवाया और उन्हें डॉक्टरी की डिग्री जी। इनमें लालू प्रसाद और भाजपा नेता राधामोहन सिंह के रिश्तेदार भी शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉलेज के संस्थापक सरदार मोलश्वर सिंह के बेटे गुरदयाल सिंह समेत परिवार के कई लोग मौजूद थे। बीजेपी ने आरोपों को मनगढंत बताते हुए सबूत देने की चुनौती दी है आरजेडी को बीजेपी पर हमला करने का मौका मिल गया है।
पीके ने कहा कि कहा कि बीजेपी को उखाड़ फेंकने वाली पार्टी राजद की बड़ी नेत्री राबड़ी देवी दिलीप जायसवाल को मुंहबोला भाई बताती हैं। लालू यादव के दो साले के बच्चे इस कॉलेज से पढ़कर डॉक्टर बने। स्वास्थ्यमंत्री बनने वाले तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ने भी सवाल नहीं उठाया। प्रशांत किशोर ने फिर पूछा कि माता गुजरी देवी मेडिकल कॉलेज में क्लर्क की नौकरी करने वाले दिलीप जायसवाल उसके निदेशक कैसे बन गए। सरदार मौलेश्वर सिंह के परिजनों ने भी कई आरोप लगाए।
प्रेस को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि संस्थापक मौलेश्वर सिंह के परिवार के सदस्यों को ट्रस्ट से हटाकर खुद पूरे सिस्टम पर काबिज हो गए। 25 सालों से यह सिलसिला चल रहा है पर किसी ने इस पर आवाज नहीं उठाया क्योंकि विभिन्न 50 राजनैतिक परिवारों के संबन्धियों की इस कॉलेज में बगैर टेस्ट लिए मैनेजमेंट कोटा से एडमिशन कराया गया। एक एसपी जिसने एक केस से दिलीप जायसवाल का नाम हटाया उसकी पत्नी का भी नामांकन किया गया। जिन लोगों ने कुछ विरोध किया उन्हें मेडिकल कॉलेज में सीट देकर मैनेज कर लिया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि दिलीप जायसवाल ने एक अल्पसंख्यक परिवार की संस्था और उसकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। चाल-चरित्र-चेहरा की पार्टी कहने वाले बीजेपी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। मेडिकल कॉलेज पर कब्जा करने में राजद ने भी साथ दिया। राबड़ी देवी उन्हें मुंहबोला भाई मानती हैं। हमाम में सब नंगे हैं। राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री रहते हुए कॉलेज पर कब्जा हुआ। दिलीप जायसवाल पहले हेल्पर थे। उसके बाद क्लर्क और फिर एडमिनिस्ट्रेटर बने। फिर ट्रस्टी को हटाकर खुद मैनेजिंग ट्रस्टी बन गए और अपने बेटे-बहू को भी ले आए। एक व्यक्ति राजेश साह पर पहले केस हुआ और फिर संदिग्ध स्थिति में हत्या कर दी गई। उनके परिवार के लोग मुख्यमंत्री के दरबार में आकर मिले तो जांच के बाद एसपी ने दिलीप जायसवाल को आरोप मुक्त कर दिया। उस एसपी पत्नी को कॉलेज में दाखिला दिया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी पार्टी या संस्था ने आवाज नहीं उठाई। अब जन सुराज इसे समाज के बीच ले जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ा जाएगा। इस पर अमित शाह और मोदी जी को बयान देना चाहिए। इधर बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पीके को सबूत देना चाहिए। प्रशांत किशोर के पास कोई मुद्दा मुद्दा नहीं है तो गलत बयान कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिलीप जायसवाल भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी कर रहे हैं।




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