Pitru Paksha Mela People from Russia Ukraine performed Shraddha in Gaya 14 out of 17 women said it heart touching Pitru Paksh Mela: रूस-यूक्रेन के लोगों ने गया जी में किया श्राद्ध, 17 विदेशियों में 14 महिलाएं, Bihar Hindi News - Hindustan
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Pitru Paksh Mela: रूस-यूक्रेन के लोगों ने गया जी में किया श्राद्ध, 17 विदेशियों में 14 महिलाएं

रूस की महिला सियाना ने कहा कि गया जी आकर बहुत अच्छा लगा। यह जीवन के लिए यादगार क्षण रहेगा। पिंडदान करने वाले 17 विदेशियों में 14 महिलाएं हैं।

Fri, 19 Sep 2025 07:34 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, गया जी, निज प्रतिनिधि
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Pitru Paksh Mela: रूस-यूक्रेन के लोगों ने गया जी में किया श्राद्ध, 17 विदेशियों में 14 महिलाएं

Pitru Paksha Mela 2025: अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए बिहार के गया जी में आयोजित पितृपक्ष मेले में देश के साथ-साथ विदेशी भी आ रहे हैं। गुरुवार को भी 17 विदेशी पिंडदानियों के जत्थे ने गयाश्राद्ध किया। विष्णुपद में पिंडदान कर पितरों के मोक्ष की कामना की। विष्णुपद में पिंडदान और फल्गु में तर्पण के साथ अक्षयवट का भी विधान किया। सनातन धर्म में आस्था रखने वाले रूस और यूक्रेन से आए विदेशियों ने विष्णुचरण के दर्शन-पूजन भी किए। गयापाल पंडा मनोज लाल टैया के नेतृत्व में पूरे विधान के साथ गयाश्राद्ध कराया गया। 17 विदेशियों में 14 महिलाएं रहीं।

पितृपक्ष में पितरों के लिए आए विष्णुनगरी

विदेशी पिंडदानियों के जत्थे को साथ लेकर आचार्य अभिनय सिंह ने बताया कि विष्णुनगरी की महत्ता के बारे में जाकर ये लोग यहां आए हैं। रूस, यूक्रेन व अमेरिका आदि प्रदेशों से आए हैं। पितृपक्ष को लेकर खासकर आए हैं। विदेशियों ने पिंडदान को पढ़ा और जाना। इसके बाद सतातनी भाव के साथ यहां आएं। इनकी कामना थी कि गया जी आकर पिंडदान करें।

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भारतीय वेश-भूषा में दिखे विदेशी

इसी मकसद के साथ 17 विदेशी गयाजी आए हैं। गयापाल पंडा मनोज लाल टैया ने बताया कि विदेशी तीन दिन वाले पिंडदान कर रहे हैं। बुधवार को सीताकुंड पर पिंडदान किया था। गुरुवार को विष्णुपद, फल्गु और अक्षयवट का विधान किया। शुक्रवार को प्रेतशिला जाएंगे। पिंडदान कर चारधाम यात्रा के लिए गया जी प्रस्थान करेंगे। बताया कि सभी विदेशी सात सालों से सनातनी परंपरा से जुड़े हैं। शाकाहारी हैं। सभी के घरों में शिवलिंग हैं। हर दिन पूजा-पाठ करते हैं। कई मंत्रों का जाप करते हैं। बताया कि गुरुवार को सभी विदेशियों ने भारतीय वेश-भूषा व संस्कृति के साथ सात कुलों के उद्धार के लिए पिंडदान किया।

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विदेशी महिला ने कहा-गया जी आकर बहुत अच्छा लगा

रूस की महिला सियाना ने कहा कि गया जी आकर बहुत अच्छा लगा। यह जीवन के लिए यादगार क्षण रहेगा। यहां की आध्यामिकता और पितरों के प्रति सम्मान ने मेरे मन की गहराई को छू लिया है। यहां आकर पिंडदान और भारतीय संस्कृति को बेहद करीब से जाना।

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