पटना वाटर मेट्रो: पहले फेज में गांधी घाट और गायघाट पड़ाव, हाजीपुर-सोनपुर में भी चलाने का प्लान
गर्मी के दिनों में यात्रा का आनंद लेने में परेशानी ना हो इसके लिए हर बोट को एसी युक्त बनाया जा रहा है। बोट को ऑटोमेटिक बोट लोकेशन सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे इसकी निगरानी होगी। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बोट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

गंगा किनारे कई जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसकी मदद से वाटर मेट्रोल के इंजन को परिचालन के दौरान चार्ज किया जा सकेगा। इसके साथ ही, पटना को वाटर मेट्रो की सौगात जल्द मिलेगी। पटना के गांधी घाट पर चार्जिंग प्वाइंट के निर्माण का काम अभी शुरू हुआ है। कंगन घाट और दीघा घाट पर भी इसका निर्माण होगा। शनिवार को पर्यटन विभाग ने बताया कि वाटर मेट्रो का यह सफर 10.5 किमी लंबा होगा। प्रथम चरण में गांधी घाट और गायघाट पर मुख्य पड़ाव होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में हाजीपुर, सोनपुर में भी वाटर मेट्रो चलने की योजना है।
वातानुकूलित होगी मेट्रो
पर्यटकों के लिए दो पर्यावरण अनुकूल वाटर मेट्रो हाइब्रिड मोड में चलाई जाएंगी। आपातकालीन स्थिति के लिए 3-4 रेस्क्यू बोट रहेंगी। इन जहाजों में नई तकनीक की बैट्री का इस्तेमाल किया जाएगा। बैकअप के लिए बोट में जेनरेटर की व्यवस्था होगी। गर्मी के दिनों में यात्रा का आनंद लेने में परेशानी ना हो इसके लिए हर बोट को एसी युक्त बनाया जा रहा है। बोट को ऑटोमेटिक बोट लोकेशन सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे इसकी निगरानी होगी। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बोट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बोट को इस तरीके से तैयार किया जा रहा है, जिससे हाई स्पीड में भी कम लहरें पैदा होंगी।
12 करोड़ रुपये से अधिक है बोट की कीमत
पटना वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जायेगा उसका नाम “एमवी-गोमधर कुंवर” है। इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपए से अधिक है। पूरे पटना वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत करीब 908 करोड़ रुपए है। यह प्रोजेक्ट इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार का एक संयुक्त प्रयास है। इसमें कोचि जहाज निर्माण स्थल के इंजीनियरों से तकनीकी मदद ली जा रही है।
वाटर मेट्रो का पहला मार्ग 10 किलोमीटर लंबा होगा
पटना वाटर मेट्रो का पहला रूट दीघा और कंगन घाट के बीच 10.5 किमी लंबा होगा। वाटर मेट्रो का सफर कंगन घाट से शुरू होकर गायघाट होते हुए गांधी घाट, दीघा घाट, फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट,काली घाट (सोनपुर) और छेछर घाटों तक पहुंचेगा। मिली जानकारी के अनुसार, भविष्य में योजनाओं को 10 टर्मिनल के साथ 4 रूट तक विस्तार किया जाएगा। इससे पटना और उसके आस-पास के जिलों (वैशाली, छपरा) के प्रमुख हिस्सों से संपर्क स्थापित होगा।




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