पटना: 40 में जिसका DNA मिला वहीं आरोपी, नीट छात्रा मौत मामले में SIT पर भड़के परिजन
शुरुआत में छात्रा की मौत को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की दिशा बदल गई और एसआईटी का गठन किया गया। इस बीच फोरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर पुरुष का वीर्य मिलने की पुष्टि हुई।

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में डीएनए टेस्ट के लिए नमूने लिये जा रहे हैं। इसके माध्यम से जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए मृतका और संदिग्धों के डीएनए का मिलान किया जाएगा। कुल 40 लोगों में से जिन लोगों का डीएनए मिलान होगा, उन्हें ही आरोपित माना जाएगा। मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जिन लोगों का खून का नमूना लिया गया, उनमें कुछ छात्रा के नजदीकी रिश्तेदार भी शामिल थे।
परिजनों का आरोप है कि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी परिवार के सदस्यों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, इसी वजह से रिश्तेदारों का भी डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। परिजनों ने कहा कि शुरू से ही एसआईटी घटना को नया मोड़ देने की कोशिश कर रही थी।
शुरुआत में छात्रा की मौत को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की दिशा बदल गई और एसआईटी का गठन किया गया। इस बीच फोरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर पुरुष का वीर्य मिलने की पुष्टि हुई। अब डीएनए टेस्ट के लिये खून के नमूने लेकर यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि घटना में छात्रा के नजदीकी रिश्तेदार भी शामिल हो सकते हैं।
अगले माह रिपोर्ट आने की संभावना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डीएनए परीक्षण एक वैज्ञानिक पद्धति है। इसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार सप्ताह का समय लग सकता है। सबसे पहले नमूने को सावधानीपूर्वक संग्रहित किया जाता है, उसके बाद परीक्षण के लिए राज्य के बाहर भेजा जाता है। बाहरी लैब में इसका परीक्षण किया जाता है, इसलिए इसमें समय लगता है। बता दें कि डीएनए परीक्षण से जैविक संबंधों, स्वास्थ्य जोखिमों, वंश और आनुवंशिक लक्षणों की पहचान करने में मदद मिलती है।




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