बिहार में पीएम आवास के 40 फीसदी आवेदकों के अयोग्य होने का खतरा, क्या है वजह
40 प्रतिशत तक परिवार अयोग्य की श्रेणी में आ सकते हैं। इस तरह से एक करोड़ चार लाख में 60-65 लाख परिवारों की फाइनल सूची तैयार होने की उम्मीद है। शेष लाभुकों की श्रेणी से बाहर हो सकते हैं। हालांकि, सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद प्रखंड और जिला स्तर पर इसकी जांच होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नए लाभुकों की सूची को अंतिम रूप देने की कवायद ग्रामीण विकास विभाग ने तेज कर दी है। इसी क्रम में पूर्व में हुए सर्वे के आधार पर लाभुक परिवारों का सत्यापन कार्य चल रहा है। सत्यापन को लेकर जिलों से आ रही जानकारी के अनुसार 40 प्रतिशत आवेदक इसमें अयोग्य घोषित हो सकते हैं। 31 जनवरी तक सत्यापन पूरा करने का निर्देश विभाग ने जिलों को दिया है। पीएम आवास के सर्वे में एक करोड़ चार लाख परिवारों की सूची तैयार की गई है। इन्हीं परिवारों के घर-घर जाकर कर्मी सत्यापन कर रहे हैं।
सत्यापन के दौरान यह देखा जा रहा है कि परिवार ने जो जानकारी सर्वे में दी थी, वह सही है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सूची में दर्ज परिवार सभी मानकों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। इसी क्रम में आवेदकों को योग्य और अयोग्य की श्रेणी में रखा जा रहा है। इसी क्रम में जानकारी मिली रही है कि 40 प्रतिशत तक परिवार अयोग्य की श्रेणी में आ सकते हैं। इस तरह से एक करोड़ चार लाख में 60-65 लाख परिवारों की फाइनल सूची तैयार होने की उम्मीद है। शेष लाभुकों की श्रेणी से बाहर हो सकते हैं। हालांकि, सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद प्रखंड और जिला स्तर पर इसकी जांच होगी।
ग्राम सभा के अनुमोदन पर बनी फाइनल सूची
प्रखंड स्तर पर दस प्रतिशत लाभुक परिवार की जांच की जाएगी। इसको लेकर प्रखंड और जिला स्तर पर पहले से ही कमेटी बनी हुई है। दोनों स्तर पर जांच के बाद ही फाइनल सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद इस सूची को ग्राम सभा में अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। ग्राम सभा में अनुमोदन के बाद तैयार सूची लाभुक की श्रेणी में रखे जाएंगे। मालूम हो कि राज्य में इस योजना का लाभ देने के लिए सर्वेक्षण कार्य 15 मई, 2025 तक चलाया गया था।
अगले वित्तीय वर्ष में मिलेगा लाभ
पीएम आवास की नई सूची के आधार पर इस योजना का लाभ अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 से मिलेगा। फाइनल सूची के आधार पर चरणवार हर वर्ष केंद्र सरकार द्वारा तय संख्या में आवास निर्माण स्वीकृत किये जाएंगे। वर्तमान में पूर्व में हुए सर्वे के आधार पर आवास का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत 12 लाख 20 हजार लाभुक परिवारों को पक्का मकान बनाना है।
इनमें करीब तीन लाख आवास का निर्माण पूरा कर लिया गया है। शेष का निर्माण पूरा करने के लिए लंबित राशि भुगतान करने का आग्रह ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार से किया है। हर एक लाभुक को पक्का मकान बनाने के लिए इस योजना में एक लाख 20 हजार रुपये दिये जाते हैं।




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