दूसरे राज्य में विधायक फंड 5 करोड़, हमारा कम.., बोले BJP विधायक- हम साड़ी बांटने वाले नहीं हैं
BJP विधायक ने कहा कि हम कोई साड़ी बांटने वाले नहीं हैं। हम तो विकास कर के बिहार का सहयोग ही करेंगे। इसीलिए सरकार से आग्रह है कि जिस तरह आप विकास की गति को बढ़ा रहे हैं तो हम लोगों को भी अपने क्षेत्र की विकास की गति को बढ़ाने दीजिए।

बिहार विधानसभा में सोमवार को विधायक निधि बढ़ाने की मांग जोर-शोर से उठी। खास बात यह है कि विधानसभा के अंदर सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्य ने ही यह मांग उठाई। एक बीजेपी सांसद ने तो इस मुद्दे पर यहां तक कह दिया कि हम साड़ी बांटने वाले नहीं हैं हम भी अपने क्षेत्र की विकास की गति को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सदन के अंदर सबसे पहले विधायक निधि बढ़ाने की मांग बीजेपी के सदस्य प्रमोद कुमार ने की। प्रमोद कुमार ने दूसरे राज्यों में तय किए गए विधायक कोटे का जिक्र किया और फिर अपनी बात रखी। इसपर योजना मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि सांसदों का बढ़ेगा तो विचार करेंगे। इस पर सदन में मौजूद पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक शोरशराबा करने लगे। सभी एक स्वर से पैसा बढ़ाने की मांग करने लगे। विधायकों ने तो यहां तक कह दिया कि या तो पैसा बढ़े या इसे ख़त्म कर दिया जाए। तब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मामले से सीएम को अवगत कराया जाएगा। हालांकि, यह शोर शांत नहीं हुआ।
प्रमोद कुमार ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि अभी वर्तमान स्थिति यह है कि जो अभी सालाना विधायक निधि 1 करोड़ रुपया है उसमें से 18 फीसदी जीएसटी, 6 परसेंट रॉयलिटी, 2 परसेंट टीडीएस यानी लगभग 25-26 फीसदी पैसा सरकार के खजाने में चला जाता है। कुल 4 करोड़ है तो उसमें से 1 करोड़ चला गया तो हम तीन करोड़ पर आ गए। जबकि पड़ोसी राज्य झारखंड में 5 करोड़ है, केरल में 5 करोड़ है, मध्य प्रदेश में 5 करोड़ है, राजस्थान में 5 करोड़ है. उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ है, उत्तराखंड छोटा राज्य है तो वहां भी 5 करोड़ है। तो जब छोटे राज्यों में विधायक निधि 5 करोड़ किया गया है तो बिहार तो बड़ा राज्य है और यहां बजट भी बड़ा है, आकार भी बड़ा है औऱ छड़-सीमेंट, बालू का दाम भी बड़ा है। इसपर विचार किया जाना चाहिए।
दूसरा सवाल यह है कि 15 लाख रुपये मिलते हैं विधायकों को काम करने के लिए। इसपर 15 लाख में 25 प्रतिशत तो कट जाता है तो कितने का काम होगा। मजदूरी भी बढ़ गया है तो इसको भी कम से कम 25 लाख किया जाए। इसके बाद विधायक नीरज कुमार बबलू ने भी अपने संबोधन में इस मांग को दोहराया। नीरज कुमार बबलू ने कहा कि विधायक निधि को बढ़ाने में दिक्कत नहीं होना चाहिए क्योंकि हम भी तो विकास के काम पर फोकस करते हैं।
इसके बाद बीजेपी के ही विधायक डॉक्टर सुनील कुमार ने कहा कि बिहार भारत में सबसे तेज प्रगति करने वाला राज्य है। 2023 के बाद मटेरियल के दामों में भी बढ़ोतरी हुआ है। अभी जो 4 करोड़ रुपया मिलता है किसी विधायक के क्षेत्र में कम से कम 40 पंचायत, अगर शहर है तो 40 वार्ड और 15-16 पंचायत है। 25 योजना अनुशंसा करने में राशि खत्म हो जाती है। तो हम भी विकास करेंगे। हम कोई साड़ी बांटने वाले नहीं हैं। हम तो विकास कर के बिहार का सहयोग ही करेंगे। इसीलिए सरकार से आग्रह है कि जिस तरह आप विकास की गति को बढ़ा रहे हैं तो हम लोगों को भी अपने क्षेत्र की विकास की गति को बढ़ाने दीजिए।
इसपर योजना मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि सांसदों का बढ़ेगा तो हम इसपर विचार करेंगे। इस पर सदन में मौजूद पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक शोर-शराबा करने लगे। सभी एक स्वर से पैसा बढ़ाने की मांग करने लगे। विधायकों ने कहा कि या तो पैसा बढ़े या ख़त्म कर दिया जाए। तब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मामले से सीएम को अवगत कराया जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी विधानसभा सदस्यों शोर करते रहे।




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