RJD को चाहिए 6 वोट, NDA को मात्र 3; राज्यसभा की 5वीं सीट पर किसे जिताएंगे MLA?
Bihar Rajya Saba Elections: बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों पर 16 मार्च के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। 4 सीट पर एनडीए की जीत तय है। पांचवीं सीट के लिए तेजस्वी यादव की राजद को 6 वोट की दरकार है, जबकि 3 क्रॉस वोटिंग एनडीए को 5वीं सीट भी जिता देगा।

बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव में 4 सीटों पर एनडीए की जीत तो तय है। उलझन 5वीं सीट को लेकर है, जिसके लिए ना एनडीए के पास पूरे नंबर हैं और ना विपक्षी दलों के महागठबंधन के पास। तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को 5वीं सीट जीतने के लिए कम से कम 6 और विधायक का वोट चाहिए, जबकि विपक्षी दलों के मात्र 3 एमएलए की क्रॉस वोटिंग से एनडीए 5वीं सीट भी जीत लेगी। खाली हो रही सीटों में राजद के 2 सांसद प्रेमचंद गुप्ता और एडी सिंह शामिल हैं। एनडीए के 3 सांसदों में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के हरिवंश नारायण सिंह एवं रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा हैं।
बिहार की मौजूदा विधानसभा में लालू यादव और तेजस्वी यादव की 24 विधायकों वाली पार्टी राजद की हैसियत एक भी सांसद को राज्यसभा पहुंचाने की नहीं बची है। कांग्रेस, लेफ्ट और आईपी गुप्ता का वोट जोड़कर भी महागठबंधन 35 पर अटक जाता है। राज्यसभा चुनाव के नियमों के मुताबिक एक सांसद को जिताने के लिए कम से कम 41 विधायकों का वोट चाहिए।
तेजस्वी बचे हुए 6 विधायकों के समर्थन के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बसपा के 1 विधायक की तरफ देख रहे हैं। लेकिन, ओवैसी की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने यह कहकर सनसनी ही फैला दी है कि वो सिर्फ वोट देने के लिए नहीं हैं। ईमान ने कहा है कि 5वीं सीट के लिए उनकी पार्टी का कैंडिडेट लड़े और राजद समेत विपक्षी दल समर्थन दें, ये क्यों नहीं हो सकता है।
एनडीए कैंप में बीजेपी और जेडीयू अपने-अपने दम पर 2-2 सांसद जिता सकती है। जेडीयू अपने हिस्से की 2 सीटों पर कैंडिडेट रिपीट करेगी या नीतीश कुमार नए नेता को दिल्ली भेजेंगे, यह आने वाले समय में साफ होगा। जीत की गारंटी वाली बीजेपी कोटे की 2 सीटों में उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की दिलचस्पी होगी। लेकिन, बीजेपी अपने हिस्से की 2 सीटों में 1 पर पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन को भेज सकती है। बीजेपी के पास विकल्प है कि वो अपने कोटे की दूसरी सीट पर कुशवाहा को फिर संसद भेज दे या चिराग पासवान की मां रीना पासवान को। लेकिन, अगर बीजेपी दूसरी सीट पर किसी भाजपा नेता को भेजती है तो 5वीं सीट पर चिराग का दावा कुशवाहा से ज्यादा मजबूत है, क्योंकि उनके पास खुद के 19 विधायक हैं।
उपेंद्र कुशवाहा का पत्ता कटने से यह भी साफ हो जाएगा कि कुशवाहा को बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए रखने के लिए खुद की सांसदी कुर्बान करनी होगी। दीपक अभी किसी सदन में नहीं हैं और उन्हें विधान परिषद पहुंचना है। कुशवाहा बिठाए गए तो चिराग के पास मौका होगा। लोजपा-आर के 19 वोट हैं। चिराग के लिए बीजेपी, जेडीयू, हम और रालोमो से 38 वोट का जुगाड़ हो सकता है। 3 वोट की कमी रहेगी, जो कांग्रेस, राजद या दूसरे विपक्षी दलों के बीच ऑपरेशन लोटस से पूरी हो सकती है।




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