एक कार, 1 एकड़ कृषि भूमि, कितनी संपत्ति के मालिक उपेंद्र कुशवाहा, देखें पूरा लेखा-जोखा
राज्यसभा चुनाव के लिए उपेंद्र कुशवाहा ने नामांकन के साथ हलफनामा दाखिल किया। इसमें उनकी कुल संपत्ति 79.94 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें 44.94 लाख चल और 35 लाख अचल संपत्ति है। उनके पास 10 तोला सोना और एक चारपहिया वाहन भी है।
बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें सीएम नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत एनडीए के 5 उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है। हलफनामे में उन्होंने अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा दिया है। जिसके मुताबिक रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पास चल और अचल कुल संपत्ति 79 लाख 94 हजार रुपये की है।
कुल संपत्ति 79 लाख 94 हजार
इसमें चल संपत्ति 44 लाख 94 हजार हैं, जबकि अचल संपत्ति 35 लाख रुपये है। उपेंद्र कुशवाहा के दो बैंकों में 13 लाख 34 हजार जमा हैं। कृषि और आवासीय भूमि की कीमत 35 लाख रुपये है। इसमें कृषि भूमि एक एकड़ 20 डिसमिल है। एक चारपहिया वाहन है। 13 लाख 60 हजार रुपये मूल्य का 10 तोला सोना है।
कुशवाहा पर सात केस लंबित हैं
1983 में बीआरए बिहार विवि से एमए की डिग्री लेने वाले उपेंद्र कुशवाहा के नाम पर वर्तमान में सात केस लंबित हैं। इनमें एक केस कोतवाली थाने से जुड़ा है, यह केस एमपी, एमएलए या एमएलसी कोर्ट पटना में है। पटना में कुल पांच केस हैं। एक केस सासाराम और एक केस मुजफ्फरपुर में है। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के नाम पर चल और अचल कुल एक करोड़ 54 लाख की संपत्ति है। पारिवारिक संयुक्त संपत्ति की बात करें तो 40 लाख रुपये हैं।
5वीं सीट पर मुकाबला रोचक
आपको बता दें राज्यसभा की पांच सीटों पर छह उम्मीदवारों के आने से अब चुनाव होना तय है। इन छह सीटों में चार पर एनडीए की जीत पक्की है। जबकि पांचवीं सीट पर भी उसे विपक्ष के बिखराव का लाभ मिल सकता है। राजद की ओर से छठे उम्मीदवार के मैदान में उतरने से लड़ाई बेहद रोचक हो गयी है। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। एनडीए के पास 202 विधायक हैं। ऐसे में उसकी चार सीट पक्की है। इसके बाद उनके पास 38 विधायक शेष बच जाते हैं। लिहाजा उन्हें तीन विधायकों की जरूरत होगी।
उधर, महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक हैं। इनमें राजद के 25, कांग्रेस के छह, माले के दो, सीपीएम व आईआईपी के एक-एक विधायक हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम के पास पांच और बसपा के पास एक विधायक है। यदि इन सबका समर्थन विपक्ष के उम्मीदवार को मिला, तभी वे जीत सकते हैं। उधर, एनडीए को अपनी पांचवीं सीट को जीतने के लिए केवल तीन विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। एनडीए को अपने उम्मीदवार के लिए विपक्ष की ओर से क्रास वोटिंग की उम्मीद है। उसका मानना है कि उसे विपक्षी विधायकों का भी साथ मिलेगा।




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