बिहार में ‘नोट डबल’ गैंग का भंडाफोड़, 50 लाख कैश; केमिकल-मशीन के साथ 8 शातिर पकड़े गए
Bihar Crime News: गोपालगंज के बैकुंठपुर में एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर पुलिस ने 'नोट दोगुना' करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 50 लाख कैश, केमिकल और मशीन के साथ 8 आरोपी गिरफ्तार हैं।

Bihar Crime News: बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय 'नोट दोगुना' करने वाले एक बड़े और शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले इस गिरोह के ठिकानों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस दौरान पुलिस ने 8 शातिर आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है और मौके से भारी मात्रा में कैश व अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।
एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर संयुक्त टीम की छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि बैकुंठपुर के सिंहासिनी गांव में एक गिरोह जादुई तरीके और केमिकल की मदद से रुपये दोगुना करने का काला धंधा चला रहा है। इस अहम सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी विनय तिवारी के सीधे निर्देश पर पुलिस की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ सिंहासिनी गांव में गिरोह के ठिकाने पर अचानक धावा बोल दिया, जिससे आरोपियों को भागने या संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
50 लाख रुपये, नोट गिनने की मशीन और केमिकल बरामद
पुलिस की इस छापेमारी के दौरान मौके का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। ठिकाने से नोटों की कई गड्डियां, कुछ विशेष प्रकार के केमिकल और एक नोट गिनने की मशीन बरामद की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौके से बरामद की गई कुल राशि लगभग 50 लाख रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल, बरामद नोटों की गिनती लगातार जारी है और अंतिम आंकड़ा गिनती पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
8 सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से गिरोह के 8 सदस्यों को धर दबोचा है। इन सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है, इसका पूरा पर्दाफाश हो सके। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद किए गए ये नोट असली हैं या नकली। पुलिस और एक्स्पर्ट्स इन नोटों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। केमिकल का इस्तेमाल किस लिए किया जाता था, जल्द ही इस राज से भी पर्दा उठने की उम्मीद है।




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