धार्मिक न्यास बोर्ड में एक भी ब्राह्मण नहीं, कांग्रेस नेता ने नीतीश कुमार को दे दी चेतावनी
बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में एक भी ब्राह्मण सदस्य नहीं होने पर कांग्रेस नेता किशोर कुमार झा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीएम नीतीश को चेतावनी दी है कि अगर ब्राह्मणों का ऐसे ही तिरस्कार किया गया तो पूरे प्रदेश में उनका विरोध किया जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार द्वारा विभिन्न बोर्ड और आयोगों में हुई राजनीतिक नियुक्तियों पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने धार्मिक न्यास बोर्ड में एक भी ब्राह्मण नहीं होने पर सवाल किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ब्राह्मणों की उपेक्षा कर उनका अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही सीएम को चेतावनी दी है कि अगर यह रवैया नहीं बदला तो उन्हें पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पिछले महीने बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का पुनर्गठन किया था। इसका अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रणवीर नंदन को बनाया गया। वहीं, नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के दामाद सायन कुणाल समेत 10 लोगों को बोर्ड में सदस्य नामित किया गया।
अब इन नियुक्तियों पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रह चुके किशोर कुमार झा ने दावा किया कि ब्राह्मण समुदाय से किसी भी व्यक्ति को इस बोर्ड में जगह नहीं दी गई।
उन्होंने कहा, "बिहार में एनडीए की सरकार ने धार्मिक न्यास बोर्ड में एक भी ब्राह्मण व्यक्ति को सदस्य बनाने की जरूरत नहीं समझी। यह एक बड़ी साजिश है। ब्राह्मणों के अपमान का प्रयास किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि धर्म और धार्मिक स्थलों की रक्षा तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण में ब्राह्मण समुदाय ने अग्रणी भूमिका निभाई है। ऐसे में इस तरह के धार्मिक बोर्ड में ब्राह्मणों को महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए था।
झा ने कहा, ‘‘धार्मिक बोर्ड के पुनर्गठन की इस अधिसूचना की मैं तीव्र निंदा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि ब्राह्मणों के साथ तिरस्कार भाव को जल्द से जल्द खत्म करें अन्यथा पूरे प्रदेश में सीएम के कार्यक्रम का जोरदार ढंग से विरोध किया जाएगा।’’




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