नीतीश कुमार की 2 दशकों की शानदार पारी हमेशा याद रहेगी, इन फैसलों से खींच दी लंबी लकीर
उन्होंने सुशासन और सेवा की अपनी प्रतिबद्धता से लम्बी लकीर खींची है, उसे बरकरार रखना आने वाले मुख्यमंत्री और सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

Nitish Kumar News: नीतीश कुमार देश के शीर्ष सदन राज्यसभा जाना चाहते थे। उनकी यह साध पूरी हो गई है। इसके पहले वे अन्य तीनों सदन लोकसभा, बिहार विधान परिषद और बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को इस्तीफा देते हैं तो वह 19 साल 236 दिनों तक मुख्यमंत्री के पद पर रह चुके होंगे। इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री का कार्यकाल निभाने वाले नेताओं में वह देश में आठवें नंबर पर हैं। हालांकि, वह वर्ष 2025-30 का कार्यकाल पूरा करते तो देश के दूसरे नंबर की लम्बी अवधि के सीएम हो जाते।
नीतीश कुमार ने दस बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इतनी बार शपथ लेने वाले वह देश के पहले राजनेता हैं। अब जबकि वे विदा हो रहे हैं तो पक्ष-विपक्ष, सभी के नेता कह रहे हैं कि नीतीश कुमार ने बिहार की तस्वीर बदली है। उन्होंने सुशासन और सेवा की अपनी प्रतिबद्धता से लम्बी लकीर खींची है, उसे बरकरार रखना आने वाले मुख्यमंत्री और सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। एनडीए के सभी घटकदलों के नेता कह रहे हैं कि नई सरकार भी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में चलेगी। शराबबंदी, महिला आरक्षण, साइिकल योजना जैसे उनके दर्जनों फैसले देशभर में नजीर बने।
सबकुछ नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय हो रहा :नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को कहा, एनडीए में कोई मतभेद नहीं है। सबकुछ समय के साथ चल रहा है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दस अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। गठबंधन धर्म का भाजपा ने हमेशा सम्मान किया है। यही कारण है कि सभी घटकदलों को हमपर विश्वास है। बिहार में सत्ता में बदलाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय हुई है और उसी के अनुसार सब चीजें चल रही हैं।
नीतीश कुमार छह बार सांसद और केन्द्र सरकार के कई अहम महकमों में मंत्री रह चुके हैं। लेकिन, वर्ष 2005 में उनके नेतृत्व में बिहार में एनडीए की सरकार बनी तो उनकी राजनीति दिल्ली से बिहार शिफ्ट हो गयी। अब नीतीश फिर केन्द्र की राजनीति करेंगे और बिहार में सत्ता की कमान नए हाथों में होगी।
नीतीश कुमार पटना पहुंचने के बाद अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे। 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार का इस्तीफा और 16 अप्रैल तक राज्य में नयी सरकार के गठन की संभावना है। गुरुवार अपराह्न दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने कहा भी कि कल सदस्यता ले लेंगे। यहां से जाने के तीन-चार दिन बाद इस्तीफा कर देंगे। नए लोगों को सौंप देंगे।




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