रोहिणी आचार्य ने आज भी नीतीश कुमार को कोसा, तेजस्वी यादव की बहन ने क्या-क्या लिखा
नीतीश कुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही सबसे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा। वह आज नामांकन दाखिल कर सकते हैं। कुमार वर्ष 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा का रुख कर गए हैं। अब इसे लेकर पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार की 'कमजोर नस' दबा रखी है। साथ ही मौजूदा हालात को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से जोड़ा। कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार के अगले CM को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। हालांकि, अब तक किसी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
आचार्य ने आरोप लगाए हैं कि इस हालत के लिए सीएम कुमार खुद ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने लिखा, 'अपनों के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी .. खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हकदार हैं...।' खास बात है कि पारिवारिक कलह के बाद आचार्य ने यादव परिवार और राजनीति से दूरी बना ली थी।
उन्होंने लिखा, 'आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष श्री नीतीश कुमार जी को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया, ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था, जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन / INDIA अलायन्स का साथ छोड़ा था... कुर्सी से चिपके रहने की अपनी मजबूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार जी उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं, जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है...।'
एकनाथ शिंदे से की तुलना
आचार्य ने लिखा, 'महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार-बार आगाह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे...।'
उन्होंने आगे लिखा, 'अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं कि नीतीश कुमार जी की सोचने - समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है...।'
नामांकन दाखिल करने की तैयारी
नीतीश कुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही सबसे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा। वह आज नामांकन दाखिल कर सकते हैं। कुमार वर्ष 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। नीतीश ने कहा कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।




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