बिहार सरकार अब नेशनल हाईवे का निर्माण और रखरखाव नहीं करेगी, आर्थिक लाभ भी नहीं; केंद्र सरकार का फरमान
इस आदेश का असर इस वर्ष एनएच निर्माण के लिए बिहार को मिली राशि पर भी होगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने बिहार को ऐतिहासिक रूप से 33 हजार 464 करोड़ दिये हैं, लेकिन नए आदेश के बाद राज्य सरकार को इसका आर्थिक लाभ नहीं होगा।

बिहार सरकार अब नेशनल हाईवे का निर्माण और रखरखाव नहीं कर सकेगी। खासकर वैसी सड़कें जो चार लेन या उससे अधिक चौड़ी होंगी, उसका निर्माण और रखरखाव अब केंद्रीय एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) करेगी। चार लेन से कम सड़कों में भी जो बिहार समेत दूसरे राज्यों में जाकर समाप्त होती है, उसका निर्माण और रखरखाव भी केंद्रीय एजेंसी ही करेगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने इस बाबत आदेश जारी किया है। मंत्रालय का यह आदेश बिहार के साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर भी लागू होगा।
केंद्र के इस आदेश के बाद बिहार में बनने वाले सभी एक्सप्रेस-वे (छह लेन) का निर्माण अब बिहार सरकार नहीं कर सकेगी। साथ ही 925 किलोमीटर निर्माणाधीन या मरम्मत कर रही सड़कों को राज्य सरकार अब एनएचएआई को सुपुर्द करने को बाध्य होगी। ऐसे में बिहार एनएच निर्माण में मिलने वाली राशि (लागत का अधिकतम नौ फीसदी) से वंचित हो जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएच के रखरखाव और निर्माण के मसले पर नीतिगत निर्णय लिये गए। एनएच सौंपने के पहले राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी संयुक्त तौर पर सड़कों का निरीक्षण करेंगे। इसके 15 दिनों के भीतर संबंधित सड़कों को केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी जाएगी। ऐसा नहीं होने पर राज्यों को दी जाने वाली राशि रोक दी जाएगी।
राज्य को आर्थिक लाभ भी नहीं मिलेगा
बिहार में अभी 6147 किमी एनएच है। इनमें 3189 किमी एनएच के रखरखाव का जिम्मा एनएचएआई के पास है, जबकि 2589 किमी एनएच के रखरखाव का जिम्मा राज्य के पास है। इस आदेश का असर इस वर्ष एनएच निर्माण के लिए बिहार को मिली राशि पर भी होगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने बिहार को ऐतिहासिक रूप से 33 हजार 464 करोड़ दिये हैं, लेकिन नए आदेश के बाद राज्य सरकार को इसका आर्थिक लाभ नहीं होगा।
केंद्र सरकार के इस फरमान के बाद अब 925 किमी निर्माणाधीन और मरम्मत वाली सड़क अब एनएचएआई के हवाले होगी। इसमें एनएच 139 डब्ल्यू एम्स पटना से जेपी सेतु होते हुए बेतिया, एनएच 22 पटना-महात्मा गांधी सेतु-हाजीपुर, एनएच 33 अरवल से बिहारशरीफ, एनएच 227ए मेहरौना से मशरख रामजानकी मार्ग, एनएच 227 एफ चकिया-बैरगनिया, एनएच 227जे सहारघाट-रहिका, एनएच 227 एल उमगांव-कलुआही शामिल हैं।
इसके अलावा एनएच 231 महेशखूंट-पूर्णिया, एनएच 527 सी चरौत-उंसार मंझौली, एनएच 31 मांझी से छपरा होते हुए कटिहार बाईपास, एनएच 527 ए नरौर से पसरना-परसौनी, एनएच 31 कोढ़ा से पश्चिम बंगाल सीमा तक, एनएच 22 झारखंड सीमा से डोभी, एनएच 80 मुंगेर से मिर्जाचौकी, एनएच 133 साहेबगंज से बिहार/झारखंड सीमा, एनएच 327 परसरना परसौनी से अररिया शामिल हैं।




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