डिप्टी सीएम बनने को तैयार नहीं थे निशांत कुमार, अब मंत्री पद पर कैसे राजी हुए नीतीश के बेटे
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का बिहार की सम्राट चौधरी कैबिनेट में मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। निशांत पिछले महीने डिप्टी सीएम बनने को तैयार नहीं थे, अब वे मंत्री बनने के लिए कैसे राजी हो गए?
Nishant Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे एवं जनता दल यूनाइटेड के नेता निशांत कुमार, सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने को राजी हो गए हैं। पार्टी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार गुरुवार 7 मई को होना है। जदयू से जो संभावित मंत्रियों की सूची सामने आई है, उसमें निशांत का नाम भी शामिल है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीएम के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में पिछले महीने निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने की अटकलें चल रही थीं। हालांकि, फिर खुद निशांत ही इसको लेकर तैयार नहीं हुए थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश के बेटे उपमुख्यमंत्री नहीं बने, तो अब मंत्री बनने को कैसे राजी हो गए?
जेडीयू के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट विस्तार को लेकर जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह बुधवार सुबह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पहुंचे। संजय और ललन ने संभावित मंत्रियों की सूची नीतीश को सौंप दी। इसमें निशांत कुमार का नाम भी शामिल है। संजय झा और ललन सिंह ने ही निशांत को मंत्री बनाने का सुझाव नीतीश को दिया है।
मंत्री बनने को कैसे राजी हुए निशांत?
बताया जा रहा है कि पार्टी का एक बड़ा धड़ा निशांत कुमार को सरकार में देखना चाहता है। निशांत ही भविष्य में जदयू का चेहरा होंगे। ऐसे में कई नेताओं का मानना है कि उनका सरकार में रहना जरूरी है। अगर वे खुद पद पर नहीं रहेंगे, तो जनता की समस्याओं और मुद्दों का समाधान कैसे निकाल पाएंगे। इसलिए कैबिनेट विस्तार से पहले पार्टी के वरीय नेताओं ने मंत्री पद पर निशांत का नाम भी सुझाया। अब नीतीश के बेटे का गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने नीतीश और निशांत से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि निशांत कुमार ने जब से जदयू की सदस्यता ली है, तब से पार्टी नेता उन्हें सरकार का हिस्सा बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले महीने उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा रहा था, मगर बाद में निशांत हिचक गए थे। आखिरकार अब वे सरकार का हिस्सा बनने के लिए मान गए हैं।
नीतीश ने छोड़ा था पद, सम्राट बने सीएम
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लगभग दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद पिछले महीने पद से इस्तीफा दे दिया था। वह राज्यसभा चले गए हैं। नीतीश के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बनाए गए। ये तीनों मिलकर ही अभी बिहार में सरकार चला रहे हैं। अब गुरुवार को कैबिनेट विस्तार कर नए मंत्रियों को सरकार का हिस्सा बनाया जाएगा। जदयू से 10-12 मंत्री बनाए जाने की चर्चा हैं।
बिहार में यात्रा निकाल रहे निशांत
वहीं, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद ही मार्च 2026 में निशांत ने सक्रिय रूप से राजनीति में कदम रखा था। जदयू जॉइन करने के बाद उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात और बैठकें कीं। इसके जरिए वह पार्टी के क्रियाकलाप को समझ रहे थे। 3 मई से वह बिहार यात्रा पर निकले हैं। इसके तहत वह सभी जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर जानकारी ले रहे हैं। निशांत फिलहाल जदयू संगठन में किसी पद पर नहीं हैं।




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