NEET पेपर लीक में पावापुरी मेडिकल कॉलेज में गहमागहमी, सॉल्वर गैंग कनेक्शन पर ऐक्शन शुरू
लोगों में यह जानने की उत्सुकता बनी है कि आखिर सॉल्वर गैंग किस प्रकार सक्रिय था और इसकी जड़ें कहां तक फैली हुई हैं। मामले को लेकर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

NEET पेपर लीक कांड में पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान बीमिम्स इन दिनों सॉल्वर गैंग प्रकरण को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। बुधवार को सीबीआई ने दो छात्रों अवधेश कुमार और उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू के कमरों को खंगाला। इसकेे बाद पूरे क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मेडिकल कॉलेज परिसर से लेकर आसपास के इलाकों और सोशल मीडिया तक इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है।
घटना के बाद गुरुवार को भी लोगों में यह जानने की उत्सुकता बनी रही कि आखिर सॉल्वर गैंग किस प्रकार सक्रिय था और इसकी जड़ें कहां तक फैली हुई हैं। मामले को लेकर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई लोग इस घटना को शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नीट परीक्षा के मामले की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। कॉलेज प्रशासन भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर नजर बनाए हुए है।
इधर, घटना के बाद मेडिकल कॉलेज का नाम पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नीट यूजी- 2026 रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार में इससे जुड़े पेपर लीक कांड की भी जांच शुरू कर दी है। बुधवार को सीबीआई की दो सदस्यीय टीम नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने नीट परीक्षा में सॉल्वर बिठाने के आरोपी कॉलेज के दो छात्रों अवधेश कुमार और उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू के कमरों को खंगाला।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र अवधेश कुमार (मोतिहारी निवासी) जेल में है, इसी कॉलेज का एक और छात्र उज्ज्व्ल उर्फ राजा बाबू अभी तक फरार है। प्रत्येक अभ्यर्थी से 50 से 60 लाख रुपये का सौदा किया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो मई को जिन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें सीतामढ़ी का हर्ष राज, मुजफ्फरपुर का पंकज कुमार और मनोज कुमार मोतिहारी का अमन कुमार शामिल है।
नीट यूजी के ठीक एक दिन पूर्व दो मई की रात नालंदा पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र अवधेश कुमार भी शामिल है। बाद में उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से चार अन्य को गिरफ्तार किया गया था। नीट पेपर लीक कांड की जांच कर रही सीबीआई सभी सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।




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