कमरा नंबर 501 और 503 खोलेंगे NEET पेपर लीक कांड के राज, नालंदा में CBI के ऐक्शन से खलबली
NEET Paper Leak Case: CBI की टीम ने यहां अवधेश व अमन से जुड़े कमरा संख्या 501, 502 व 503 की जांच की गयी। विशेषकर कमरा संख्या 503 में अधिकारी काफी समय तक रहे। दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की बारीकी से जांच की गयी।

NEET Paper Leak Case: नीट यूजी- 2026 रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार में इससे जुड़े पेपर लीक कांड की भी जांच शुरू कर दी है। बुधवार को सीबीआई की दो सदस्यीय टीम नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने नीट परीक्षा में सॉल्वर बिठाने के आरोपी कॉलेज के दो छात्रों अवधेश कुमार और उज्जवल उर्फ राजा बाबू के कमरों को खंगाला। कॉलेज प्रशासन से इन छात्रों के बारे में जानकारी भी ली गयी। नीट यूजी के ठीक एक दिन पूर्व दो मई की रात नालंदा पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र अवधेश कुमार भी शामिल है।
बाद में उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से चार अन्य को गिरफ्तार किया गया था। नीट पेपर लीक कांड की जांच कर रही सीबीआई सभी सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। पावापुरी मेडिकल कॉलेज का द्वितीय वर्ष का छात्र अवधेश कुमार (मोतिहारी निवासी) जेल में है, इसी कॉलेज का एक और छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू फरार है। ये दोनों सॉल्वर गिरोह के सरगना के तौर पर चिन्हित किये गये हैं। प्रत्येक अभ्यर्थी से 50 से 60 लाख रुपये का सौदा किया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो मई को जिन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें सीतामढ़ी का हर्ष राज, मुजफ्फरपुर का पंकज कुमार और मनोज कुमार मोतिहारी का अमन कुमार शामिल है।
ड्रिल मशीन से ताला काट कमरे में घुसी CBI,
नीट पेपर लीक कांड की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने बुधवार को नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच की। इस दौरान जांच टीम ने सॉल्वर गैंग के सरगना बताये जा रहे उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू व अवधेश कुमार के कमरों का ताला तोड़कर करीब दो घंटे तक तलाशी ली। जांच में किसी तरह का आपत्तिजनक सामान मिलने की सूचना नहीं है। सीबीआई के सहयोग के लिए स्थानीय पुलिस भी साथ थी।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों की टीम सबसे पहले इंटर्न हॉस्टल के कमरा संख्या 110 में पहुंची। कमरा बंद था। ड्रिल मशीन व कटर की मदद से ताला काटकर कमरे को खुलवाया गया। कमरे की तलाशी ली गयी, साथ ही मौजूद सामानों की जांच की गयी। इसके बाद टीम टाइफार्ड कैंपस पहुंची। यहां अवधेश व अमन से जुड़े कमरा संख्या 501, 502 व 503 की जांच की गयी। विशेषकर कमरा संख्या 503 में अधिकारी काफी समय तक रहे। दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की बारीकी से जांच की गयी।
क्या था मामला
गौर हो कि नीट के एक दिन पहले दो मई की रात को नालंदा पुलिस ने दो वाहनों पर सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से सॉल्वर गैंग का सरगना बताया जा रहा अवधेश कुमार व उज्ज्वल का भाई अमन कुमार शामिल था। उनके पास से दो लाख 95 हजार रुपये मिले थे। परीक्षा रद्द होने के बाद पावापुरी मेडिकल कॉलेज के ये छात्र जांच के दायरे में हैं।
उज्ज्वल और अमन दोनों मौसेरे भाई हैं। अमन दो मई की रात को ही गिरफ्तार हुआ था। टीम ने कॉलेज के अधिकारियों व जूनियर डॉक्टरों से भी पूछताछ की। कॉलेज से जुड़े कई दस्तावेज खंगाले गये। देर शाम तक किसी आधिकारिक गिरफ्तारी या कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई थी। प्राचार्य डॉ. सर्विला कुमारी के अवकाश पर रहने के कारण अस्पताल अधीक्षक डॉ. जकी अनवर जमां पूरे समय टीम के साथ मौजूद रहे। फिलहाल, जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य संभावित कनेक्शन और संदिग्ध गतिविधियों की गहन पड़ताल में जुटी हुई हैं।




साइन इन