बिहार में एनडीए का क्लीन स्वीप; नीतीश, नितिन, कुशवाहा, रामनाथ और शिवेश राज्यसभा चुनाव जीते
बिहार सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के शिवेश राम समेत एनडीए के सभी उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं।

Rajya Sabha Elections 2026: बंगाल चुनाव से पहले एनडीए ने बिहार में राज्यसभा चुनाव में क्लीन स्वीप करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के सभी पांच उम्मीदवारों ने बिहार से राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर कब्जा कर लिया है। 16 मार्च, सोमवार को हुए मतदान में एनडीए ने राजद की दो राज्यसभा सीटों को अपने पाले में कर लिया। बिहार सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के शिवेश राम राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं। कांग्रेस और राजद विधायकों के खेला कर देने से महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह(एडी सिंह) के हाथ से राज्यसभा की सीट निकल गई।
देश भर में राज्यसभा की 37 सीटें खाली हुईं जिनमें पांच सीटें बिहार की हैं। केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह, राजद के एडी सिंह और प्रेमचंद्र गुप्ता का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है जिसके लिए 16 मार्च को मतदान हुआ। 2014 के बाद 12 सालों के बाद बिहार में राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की नौबत आई क्योंकि एनडीए के पांच उम्मीदवारों के साथ साथ राजद ने एडी सिंह को दूसरी बार मैदान में उतार दिया। जदयू से बिहार सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, बीजेपी से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा मैदान में थे। एनडीए के चार उम्मीदवारों की जीत पहले से तय थी। पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला था जिसे एनडीए ने जीत लिया। पांचवीं सीट के लिए भाजपा के शिवेश राम का राजद के एडी सिंह से सीथा मुकाबला था।
राजद, कांग्रेस के चार विधायकों ने एडी सिंह का साथ नहीं दिया
एनडीए के सभी 202 विधायकों ने समय से वोटिंग कर दी। लेकिन महागठबंधन के चार विधायकों ने वोटिंग से दूरी बना ली। कांग्रेस के मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद और सुरेंद्र प्रसाद तथा राजद के फैसल रहमान ने वोटिंग नहीं की। रविवार से ही सभी अपने गठबंधन से दूर रहे। सोमवार को वोटिंग के दिन उनसे संपर्क करने के तमाम प्रयास विफल रहे। उनके वोट नहीं डालने का फायदा शिवेश राम को मिला। शिवेश राम के लिए 38 विधायकों ने वोट दिया तो एडी सिंह को 37 विधायकों का समर्थन मिला।
एआईएमआईएम ने रविवार को बदल दिया सियासी सीन
एआईएमआईएम ने रविवार शाम को इफ्तार पार्टी में राज्यसभा चुनाव का पूरा सीन बदल दिया। ओवैसी की पार्टी पहले से अपना उम्मीदवार उतारने और महागठबंधन से समर्थन जुटाने की बात कह रही थी। रविवार को भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने कहा कि 16 मार्च को 11 बजे तय करेंगे कि एआईएमआईएम के पांच एमएलए किसे वोट देंगे या वोटिंग से दूर रहेंगे। लेकिन रविवार को इफ्तार पार्टी में एआईएमआईएम ने तेजस्वी यादव को न्योता दिया। तेजस्वी यादव के पहुंचते ही अख्तरूल ईमान के सुर बदल गए। उन्होंने महागठबंधन का साथ देने का ऐलान कर दिया। बसपा विधायक सतीष कुमार सिंह ने भी तेजस्वी यादव का साथ दिया पर उनके अपने ही दूर हो गए।




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