Action Plan for School Children Amidst Heatwave in Bihar सभी स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल की मुक्कमल व्यवस्था करें, Nawada Hindi News - Hindustan
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सभी स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल की मुक्कमल व्यवस्था करें

भीषण गर्मी और लू के कारण बच्चों की सुरक्षा के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने एक्शन प्लान तैयार किया है। स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत गर्मी से बचाव के उपाय किए जाएंगे। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए पानी की सुविधा, कक्षाओं में पंखे, और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

Sat, 25 April 2026 12:46 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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सभी स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल की मुक्कमल व्यवस्था करें

भीषण गर्मी और लू चलने की स्थिति को देखते हुए स्कूली बच्चों को इससे बचाव के लिए विभाग की ओर से एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस संबंध में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के एसपीडी ने डीईओ और डीपीओ एसएसए को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम (सुरक्षित शनिवार) चलाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को विभिन्न आपदाओं से बचने, उसके प्रभाव जो न्यून करने तथा पूर्व तैयारियों के संदर्भ में निरंतर अभ्यास कराये जा रहे है एवं जानकारियां दी जा रही हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है।

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जिसके कारण मौसम शुष्क रहने एवं गर्म हवाएं व लू चलने की पूरी संभावना है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। इस संबंध में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से हीट वेव एक्शन प्लान विकसित किया गया है। इसे स्कूलों में लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत गर्मी को देखते हुए सभी स्कूलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने एवं ख्रराब चापाकल की मरम्मत कराए जाने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर नए चापाकल भी लगाए जा सकते हैं। गर्म हवाएं व लू चलने की स्थिति में स्थानीय मौसम के रूख को देखते हुये विद्यालय के संचालन समयावधि में बदलाव किया जा सकता है। गर्मी के महीनों में जब सामान्य से अधिक तापमान कई दिनों तक बना रहता है तो ऐसी स्थिति में लू व गर्म हवा का चलना शुरू हो जाता है। तापमान औसत तापमान से अधिक हो जाता है। गर्म हवा के कारण लू लगने की संभावना होती है। अधिक गर्मी से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और उसके कारण अचानक तबीयत खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। विद्यालयों में गर्मी से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ग कक्ष में बिजली के पंखे लगाए जाने एवं मिट्टी के घड़े में पानी भरकर रखने की सलाह दी गई है। बच्चों को दोपहर में घर या स्कूल मेंही रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही यथा संभव सूती, हल्का और हल्के रंग का कपड़ा पहनें। अधिक तापमान की स्थिति में विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को जानकारी दी जाय कि घर से सिर टोपी, गमछा या छाता ले कर अवश्य आयें। लू से बचाव के दिशा-निर्देश या संबंधित पोस्टर विद्यालय के सूचना पट्ट पर लगाने को कहा गया है। तेज धूप में कोई भी खेल अथवा अन्य कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाय। (नवादा से शशि भूषण पाठक)

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