नालंदा: दान वसूल रहा था प्रबंधन, शीतला मंदिर के बनावट में भी खामियां; DGP सख्त, SHO सस्पेंड
Nalanda Stampede: डीजीपी विनय कुमार ने मंदिर की व्यवस्था और बनावट (संरचना) में भारी खामियां पाईं। उन्होंने कहा कि सीढ़ियों पर इतना ज्यादा ढलान (ड्रॉप) है कि अगर भीड़ में कोई जरा-सा भी फिसले, तो वहां तुरंत भगदड़ मच सकती है।

Nalanda Stampede: बिहार के नालंदा जिले में मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। लापरवाही और कुव्यवस्था के आरोप में दीपनगर थाना प्रभारी राजमणि को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस, दोनों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर प्रबंधन का ध्यान सिर्फ श्रद्धालुओं से दान और दक्षिणा वसूलने पर था, जबकि 25-30 हजार की भारी भीड़ के लिए न तो पेयजल की व्यवस्था थी और न ही कोई आपातकालीन चिकित्सा केंद्र बनाया गया था।
डीजीपी विनय कुमार ने मंदिर की व्यवस्था और बनावट (संरचना) में भारी खामियां पाईं। उन्होंने कहा कि सीढ़ियों पर इतना ज्यादा ढलान (ड्रॉप) है कि अगर भीड़ में कोई जरा-सा भी फिसले, तो वहां तुरंत भगदड़ मच सकती है। इसके अलावा, मंदिर के प्रवेश और निकास के तरीके में भी सुधार की सख्त जरूरत है।
धार्मिक न्यास बोर्ड के चेयरमैन से की बात
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि मघड़ा का यह शीतला मंदिर सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्रीय स्तर पर आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने इस कुव्यवस्था को लेकर धार्मिक न्यास बोर्ड के चेयरमैन रणबीर नंदन से भी विस्तृत बातचीत की है। डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोग आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से किसी की तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में कतारों को व्यवस्थित करने और मेडिकल सुविधा न होना बेहद दुखद है।
दोषियों पर दर्ज होगा केस
दर्दनाक घटना में जवाबदेही तय करने को लेकर पुलिस मुख्यालय गंभीर है। डीजीपी ने कहा कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। फुटेज के आधार पर मामले में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज की जाएगी। जांच में मंदिर प्रबंधन या जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
न तो पुलिस की तैनाती, न भीड़ प्रबंधन का इंतजाम
शीतला माता के मंदिर में भारी भीड़ के बावजूद न तो पुलिस की तैनाती थी और न ही प्रबंधन का कोई इंतजाम था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पूजा के लिए आपाधापी मची थी। इसी दौरान सुबह करीब नौ बजे मंदिर के सिंह द्वार के पास अचानक एक महिला बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे। कई महिलाएं जमीन पर गिर गयीं और भीड़ उन्हें रौंदते हुए भागने लगी। इस दौरान आठ महिलाओं की मौत नीचे दबने से हो गई।
पांच घायलों का इलाज बिहारशरीफ सदर अस्पताल में चल रहा है। गंभीर रूप से घायल तीन को पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद डीजीपी विनय कुमार, डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन, आईजी जितेन्द्र राणा, कमिश्नर अनिमेष कुमार पराशर मौके पर पहुंचे। लापरवाही के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष राजमणि समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।




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