अगलगी का रूह कंपाने वाला मंजर: जल रहे थे मरीज, चिल्ला रहे थे परिजन; भाग चले अस्पताल कर्मी
हादसे वक्त अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि आईसीयू में आग लगी तो वे मरीजों को बचाने के लिए चिल्लाने लगे। उस समय कोई आईसीयू में अटेंडेंट नहीं था। जो अन्य कर्मी थे वे भी भाग चले।

Bihar Hospital Fire 5 Death: बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में गुरुवार की अहले सुबह भीषण अगलगी के घटना के दौरान मरीज जल रहे थे, परिजन चिल्ला रहे थे और अस्पताल के कर्मी भाग रहे थे। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने घंटों की कड़ी मस्कत के बाद आईसीयू में जल रहे मरीज को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इसके साथ ही अस्पताल के अन्य वार्डों में फंसे मरीज और उसके परिजन को भी बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि घटना से पूर्व अस्पताल के आईसीयू में 15 मरीज भर्ती थे। जबकि उसके आस पास के वार्डों में 50 से मरीज भर्ती थे। बताया गया कि इस घटना में आईसीयू में भर्ती चार मरीज की दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। जबकि बाकी के सभी मरीज ट्रेस लेस है। शहर के अलग अलग अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया है। पुलिस जांच कर इस संबंध में जानकारी जुटा रही है। वही डीएम सुब्रत कुमार सेन ने भी घटना में चार मौत की पुष्टि की है। फिलहाल मौके पर एफसीएल की टीम पहुंच कर जांच में जुट गयी है।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 3:40 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड के एक मशीन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। कुछ ही देर में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। उस समय आईसीयू में कई गंभीर मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। अस्पताल स्टाफ ने फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों तक पहुंच बनाई। दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलाया। जिसमें करीब 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के दौरान अस्पताल कर्मी भी गंभीर रूप से झुलस गये। रेस्क्यू के बाद मरीजों को शहर के विभिन्न निजी और सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार, मृतकों में मीनापुर थाना क्षेत्र के गौरिग्मा गांव निवासी कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), कथैया थाना क्षेत्र के जिस्तौललिया गांव निवासी गीता देवी (62), औराई थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी व वर्तमान अहियापुर के मेवालाल चौक निवासी शशांक (30), शिवहर जिला तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशम्भरपुर गांव निवासी उदय कुमार (57) और आसव हॉस्पिटल में पहुंचते मर चुकी चंचला कुमारी शामिल है। वही घायल में साहेबगंज थाना क्षेत्र के कल्याणपुर विशुनपुर निवासी संजीत कुमार (33) का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है।
मृतक कृष्णनंदन प्रसाद के पुत्र प्रत्यक्षदर्शी अनिल कुमार ने बताया कि उनके पिता के कलेजा के फेफड़ा में पानी जम गया था। 22 मई को प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार के बाद मंगलवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वही बुधवार को फिर से स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें फिर से प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जिनका इलाज आईसीयू में चल रहा था। घटना के दौरान पिता आईसीयू में भर्ती थे। जबकि वे वेटिंग रूम में सो रहे थे। इसी बीच अचानक आग लग गई। घटना के बाद अस्पताल के कर्मी भागने लगे। परिजन किसी तरह अपने अपने मरीजों को निकालने का प्रयास करने लगे। इसी बीच फायर बिग्रेड की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। अनिल ने बताया जबतक उनके पिता को बाहर निकाला जाता, तबतक उनकी मौत हो चुकी थी।
वही मृत महिला गीता देवी के पति प्रत्यक्षदर्शी ईश्वर ठाकुर ने बताया कि पत्नी को किडनी में दिक्कत था। जिसे एक जून को प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। घटना के बाद अफरा तफरी मच गई। मरीज को छोड़ कर सारे कर्मी फरार हो गया है।
इधर, जिला अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडे ने बताया कि दस से 15 लाश तो हम निकाले हैं। जबकि 10 से अधिक लोगों को सुरक्षित लोगो को बाहर निकाला गया है। उन्होंने बताया कि 03:55 बजे एक सूचना मिली कि प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगी है। जिसके बाद वे छह गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान करीब चार घंटों से अधिक समय तक रेस्क्यू कर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के चौथी मंजिल से उतार कर शव को नीचे रखा गया था। शवों को कब और किस अस्पताल में ले जाया गया। इस संबंध में जांच कर जानकारी जुटाई जा रही है। शव सर्किट से आग लगने की बात जिला अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडे ने बताया है।




साइन इन