मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल आग: लापता मरीजों की खोज में खाक छान रही पुलिस, निजी अस्पतालों में कैसे पहुंचे?
आग लगने के बाद प्रसाद हॉस्पिटल से करीब एक दर्जन मरीजों के लापता होने की सूचना पर परिजन बदहवास होकर खोजबीन में जुट गए। डीएम और एसएसपी के निर्देश पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों की तलाश कर रही है।

Bihar Top News: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में लगी आग के बाद अफरातफरी के बीच भर्ती कई मरीजों का अता-पता नहीं चल रहा है। हादसे के बाद करीब एक दर्जन मरीजों के लापता होने की सूचना पर उनके परिजन बदहवास होकर खोजबीन में जुट गए। डीएम और एसएसपी के निर्देश पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न अस्पतालों में पहुंचकर मरीजों की तलाश शुरू की। हादसे में अबतक पांच मरीजों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच में घायलों के इलाज की व्यवस्था है। लेकिन, कई मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती मिले। नेपाल की एक गर्भवति जूरन छपरा स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में मिली। बच्चे की मौत हो गई।
मनियारी थाना क्षेत्र के पकाही गांव निवासी 70 वर्षीय ब्रजनंदन राय भी लापता मरीजों में शामिल हैं। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और आज उनका ऑपरेशन होना था। उनके पुत्र विजय कुमार ने बताया कि आग लगने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। बाद में प्रशासनिक टीम ने उन्हें दरभंगा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई। इसके बाद टीम के साथ वहां पहुंचा।
प्रेग्नेंट नेपाली मरीज का बच्चा नहीं रहा
जूरन छपरा रोड नंबर-3 स्थित कवच हॉस्पिटल में प्रसाद हॉस्पिटल से दो मरीजों को भर्ती कराया गया। इनमें नेपाल के महोत्तरी जिला के जलेश्वर निवासी 35 वर्षीय रेणु देवी शामिल हैं। वह गर्भवती थीं, लेकिन हादसे के बाद गर्भस्थ शिशु को बचाया नहीं जा सका। रेणु देवी की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। वहीं मिठनपुरा निवासी 79 वर्षीय गिरिजा देवी भी गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं।
अस्पताल के गेट पर मौत
जूरन छपरा रोड नंबर तीन स्थित प्रशांत मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल में 24 वर्षीय ज्योति साह और 50 वर्षीय कामेश्वर सिंह को भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दोनों मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। वहीं जूरन छपरा मुख्य मार्ग स्थित आसव हॉस्पिटल में भी दो मरीजों को लाया गया था। अस्पताल कर्मियों के अनुसार एक मरीज की मौत अस्पताल गेट पर एंबुलेंस में ही हो गई, जिसके बाद शव को एसकेएमसीएच भेज दिया गया। दूसरे मरीज के परिजन स्थिति देखकर उसे किसी अन्य अस्पताल में लेकर चले गए। इस कारण दोनों मरीजों का नाम अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका।
यूनिवर्सिटी थाना की एसआई सुनीता कुमारी ने बताया कि प्रशासन की टीम एंबुलेंस के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर यह सत्यापित कर रही है कि प्रसाद हॉस्पिटल से निकाले गए सभी मरीज सुरक्षित रूप से अन्य अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं या नहीं। कई मरीजों का पता चल गया है, जबकि शेष की तलाश जारी है। शहर के अशोका हॉस्पिटल, मीनाक्षी हॉस्पिटल और फुलार हॉस्पिटल में भी मरीज की जांच की जा रही है। उधर, एसकेएमसीएच और सदर अस्पताल में भी मरीज की तलाश कराई जा रही है।
(मुजफ्फरपुर से वरीय संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट)




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