मुंगेर में गर्मी का सितम: तीन दिनों में 6 डिग्री उछला पारा, 18 अप्रैल तक 42 डिग्री पहुंचने के आसार मुंगेर में गर्मी का सितम: तीन दिनों में 6 डिग्री उछला पारा, 18 अप्रैल तक 42 डिग्री पहुंचने के आसार
न में अचानक आए इस उछाल से मिट्टी की नमी तेजी से होगी कम - अचानक बढ़े तापमान के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों के मरीजों की बढ़ सकती ह

मुंगेर, निज संवाददाता। जिले में मौसम का मिजाज तेजी से तल्ख होने लगा है। पछुआ हवा के प्रभाव और कड़े रुख के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बीते तीन दिनों के भीतर ही मुंगेर के अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस का बड़ा उछाल आया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग और स्थानीय विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले पांच दिन मुंगेरवासियों के लिए भारी पड़ने वाले हैं।तीन दिनों में बदला मौसम का मिजाजःआंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 10 अप्रैल को जिले का अधिकतम तापमान महज 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सोमवार को बढ़कर 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
न्यूनतम तापमान फिलहाल 18 डिग्री पर स्थिर है, लेकिन दिन की चिलचिलाती धूप ने लोगों के पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं।अगले पांच दिनों का संभावित तापमान एक नजर में:तिथि अधिकतम न्यूनतम14 अप्रैल 38 डिग्री सेल्सियस 18 डिग्री सेल्सियस15 अप्रैल 39 डिग्री सेल्सियस 18 डिग्री सेल्सियस16 अप्रैल 39 डिग्री सेल्सियस 22 डिग्री सेल्सियस17 अप्रैल 40 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियस18 अप्रैल 42 डिग्री सेल्सियस 24 डिग्री सेल्सियसलू चलने की आशंका, फसलों को लेकर वैज्ञानिक चिंतितःतापमान में हो रही इस बेतहाशा वृद्धि पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि तापमान का 40 डिग्री के पार जाना रबी फसलों की कटाई और गरमा फसलों की सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बताया कि तापमान में अचानक आए इस उछाल से मिट्टी की नमी तेजी से कम होगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे गरमा मूंग और सब्जियों की फसलों में शाम के समय हल्की सिंचाई करें। इसके साथ ही, तेज पछुआ हवाओं के बीच खेतों में आग लगने की घटनाओं के प्रति भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है गर्मी: डॉ के. रंजनबढ़ती तपिश के बीच सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ के. रंजन ने आम लोगों को सचेत किया है। उन्होंने बताया कि अचानक बढ़े तापमान के कारण अस्पताल में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।इन उपायों का करें पालन:तरल पदार्थों का सेवन: जितना हो सके पानी, ओआरएस, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करें।धूप से बचाव: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को सूती कपड़े या छाते से ढंककर रखें।खान-पान: बासी भोजन से परहेज करें और हल्के व सुपाच्य भोजन को प्राथमिकता दें।18 अप्रैल को 42 डिग्री तक जाएगा पाराःमौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अप्रैल से रात के तापमान (न्यूनतम) में भी वृद्धि होगी, जिससे रातों में भी बेचैनी बढ़ेगी। 18 अप्रैल तक अधिकतम पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की प्रबल संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और कृषि विभाग दोनों ने जिलेवासियों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
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