mp pappu yadav claims 15 companies and sex racket link in rishu shri sinha case sparks sensation in bihar 15 कंपनियां और सेक्स रैकेट… रिशु श्री सिन्हा केस में सांसद पप्पू यादव के इस दावे से मचा हड़कंप, Bihar Hindi News - Hindustan
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15 कंपनियां और सेक्स रैकेट… रिशु श्री सिन्हा केस में सांसद पप्पू यादव के इस दावे से मचा हड़कंप

Pappu Yadav On Rishu Shree: पटना में सांसद पप्पू यादव ने रिशु श्री सिन्हा पर 15 कंपनियों के जरिए सेक्स रैकेट चलाने और नेताओं को लड़कियां पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए ईडी से जांच और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

Sun, 31 May 2026 03:42 PMJayendra Pandey लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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15 कंपनियां और सेक्स रैकेट… रिशु श्री सिन्हा केस में सांसद पप्पू यादव के इस दावे से मचा हड़कंप

Pappu Yadav On Rishu Shree: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चर्चित रिशु श्री सिन्हा मामले को लेकर ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने पूरे सूबे की सियासत में तहलका मचा दिया है। पप्पू यादव ने सीधे तौर पर इस पूरे मामले को एक बड़े संगठित सिंडिकेट और रसूखदारों के गठजोड़ के रूप में पेश किया है। उन्होंने दावा किया है कि रिशु श्री सिन्हा के इस पूरे नेटवर्क के पीछे कई प्रभावशाली सफेदपोश और रसूखदार लोग शामिल हैं, जिनकी गहराई से जांच होनी बेहद जरूरी है।

15 कंपनियों का मायाजाल और अरबपति बनने की कहानी की हो जांच

मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि "रिशु श्री सिन्हा के पास करीब 15 फर्जी और बेनामी कंपनियां थीं और इन्हीं कंपनियों के जाल के जरिए पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर सरकारी विभागों से काम और टेंडर लिए गए।" उन्होंने सबसे बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि रिशु श्री सिन्हा के इस पूरे नेटवर्क और कंपनियों के जरिए कथित रूप से एक बड़ा सेक्स रैकेट संचालित किया जाता था, जिसके जरिए बड़े-बड़े रसूखदार नेताओं तक लड़कियां पहुंचाई जाती थीं। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा कि आखिर यह रिशु श्री सिन्हा कौन है और वह इतनी जल्दी अरबपति कैसे बन गया, इसकी ईडी और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच होनी चाहिए।

'ED ने नगर विकास विभाग से मांगा था जवाब: पप्पू यादव

सांसद पप्पू यादव ने हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे घोटाले को लेकर ED ने बहुत पहले ही नगर विकास विभाग से लिखित में यह महत्वपूर्ण जानकारी मांगी थी कि इन चिन्हित 15 कंपनियों को पिछले वर्षों में कुल कितने टेंडर और कितने करोड़ के काम दिए गए। लेकिन विभाग के बड़े अफसरों द्वारा अब तक इस संबंध में केंद्रीय एजेंसी को कोई स्पष्ट और पारदर्शी जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सिर्फ निचले स्तर के कुछ मोहरों को जिम्मेदार ठहराकर पूरे मामले पर पर्दा डालने और असली गुनहगारों को बचाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।

एक सप्ताह बाद खुलेगा मंत्रियों का कच्चा चिट्ठा

पूर्णिया सांसद ने खुली चुनौती देते हुए बड़ा दावा किया कि इस पूरे मामले की कड़ियां कई बड़े चेहरों और पूर्व मंत्रियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। हालांकि, उन्होंने तुरंत प्रेस के सामने किसी का नाम लेने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन यह अल्टीमेटम दिया कि एक हफ्ते के अंदर वे उन सभी प्रभावशाली लोगों और मंत्रियों के नाम सबूतों के साथ सार्वजनिक कर देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस पूरे भ्रष्टाचार और घिनौने खेल की निष्पक्ष और तेज सुनवाई सुनिश्चित कराने के लिए वे बहुत जल्द अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

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